बता दें शनि ने 27 जुलाई 2026 से अपनी वक्री चाल शुरू कर दी है जिसकी समाप्ति 11 दिसंबर 2026 को होगी। ज्योतिष अनुसार 138 दिनों की ये अवधि जहां कुछ राशियों के लिए शुभ साबित होगी, तो वहीं कुछ राशियां ऐसी भी हैं जिन्हें शनि की इस चाल से झटका लग सकता है। चलिए जानते हैं वो कौन सी राशियां हैं जिनके लिए शनि की चाल भारी रहेगी और इन्हें बुरे प्रभाव से बचने के लिए क्या उपाय करने चाहिए।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
सिंह राशि: शनि की उल्टी चाल हेल्थ पर डाल सकती है बुरा प्रभाव
ज्योतिष अनुसार, शनि आपके आठवें स्थान पर वक्री हुए हैं। जन्मपत्रिका में ये स्थान आयु, रहस्य और मृत्यु का होता है। ऐसे में शनि के वक्री होने से आपके स्वास्थ्य में गिरावट देखने को मिल सकती है। आपको हेल्थ के प्रति काफी सतर्क रहना होगा। कुछ भी उल्टी-सीधा खाने से बचना होगा और अपना रूटीन चेकअप जरूर कराते रहें। इसके अलावा शनि के वक्री होने की अवधि में आपको कोई डर सता सकता है। मन बेचैन रह सकता है। मानसिक शांति भंग हो सकती है।
कन्या राशि: शनि के वक्री होने की अवधि में फैसले सोच-समझकर लें
शनि आपके सातवें स्थान पर वक्री हुए हैं। जन्मपत्रिका में ये स्थान विवाह, जीवनसाथी और व्यापारिक साझेदारी से जुड़ा होता है। यही कारण है कि शनि के इस गोचर से आपके दांपत्य जीवन में परेशानियां आ सकती हैं। ऐसे में इस दौरान शांत रहकर ठंडे दिमाग से काम लेना होगा तभी किसी बड़ी परेशानी से बच पाएंगे। इस अवधि में बिजनेस से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें, नहीं तो नुकसान हो सकता है।
तुला राशि: शत्रुओं से सावधान रहना होगा
शनि आपके छठवें स्थान में वक्री हुए हैं। जन्मपत्रिका में इस स्थान का संबंध हमारे मित्र, शत्रु और स्वास्थ्य से होता है। ऐसे में शनि के वक्री होने से आपकी किसी खास मित्र से अनबन हो सकती है। इसके अलावा इस दौरान शत्रुपक्ष परेशान करने की कोशिश कर सकता है। ऐसे में आपको सतर्क रहना होगा, नहीं तो कोई बड़ा नुकसान हो सकता है।
धनु राशि: स्वास्थ्य में आ सकती है गिरावट
शनि आपके चौथे स्थान में वक्री हुए हैं। कुंडली के चौथे स्थान का संबंध भवन, भूमि, वाहन और माता से होता है। ऐसे में शनि के वक्री होने से माता के स्वास्थ्य में थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। अगर आप कोई नई जमीन लेने की सोच रहे हैं तो फिलहाल कुछ दिनों के लिए रुक जाएं, वरना आपको इच्छा अनुसार परिणाम प्राप्त नहीं होंगे। अगर बहुत जरूरी है खरीदना तो किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
मीन राशि: कई रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है
शनि आपके पहले स्थान में वक्री हुए हैं और जन्मपत्रिका में इस स्थान का संबंध हमारे शरीर और मुख से होता है। ऐसे में शनि के इस गोचर से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आ सकती हैं। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। इस अवधि में पैरों में दर्द से जुड़ी समस्या बनी रह सकती है। सेहत को लेकर सतर्क रहें और धैर्य से काम लें।
बुरे प्रभाव से बचने के लिए जरूर करें ये उपाय
- हर मंगलवार और शनिवार को नियमित रूप से भगवान हनुमान की पूजा करें। तो वहीं शनिवार में शनि देव की पूजा भी जरूर करें।
- शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए नीलम रत्न धारण करना फलदायी साबित होता है। लेकिन, ऐसा करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें।
- शनिवार की शाम में पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- शनिवार में तेल, काले तिल, कपड़े, चप्पल और भोजन का दान करें।
- किसी कमजोर का भूलकर भी अपमान न करें।
