

रुद्रपुर,प्रदेश के उपनेता प्रतिपक्ष ने आज एक प्रेस वार्ता आयोजित कर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश इस समय कई ज्वलंत मुद्दों से जूझ रहा है, लेकिन सरकार आंख मूंदे बैठी है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
प्रेस वार्ता में उपनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड, बढ़ते अपराध, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और कानून-व्यवस्था जैसे संवेदनशील विषयों पर सरकार की चुप्पी बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता का ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिक कार्यक्रमों और आरोप-प्रत्यारोप में उलझी हुई है, जबकि वास्तविक मुद्दों पर चर्चा से बच रही है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इन सभी विषयों पर खुली और पारदर्शी चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनता को यह पता चल सके कि सरकार अब तक क्या कर पाई और आगे की क्या रणनीति है। उपनेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि यदि सरकार के पास छुपाने को कुछ नहीं है, तो विशेष सत्र बुलाने से उसे क्यों डर लग रहा है।
प्रेस वार्ता में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष किसी भी तरह की राजनीति के लिए नहीं, बल्कि जनहित और न्याय के लिए यह मांग कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने विशेष सत्र नहीं बुलाया तो विपक्ष सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगा।
इस दौरान कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
प्रेस वार्ता में पूर्व अध्यक्ष मीना शर्मा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष। संदीप चीमा, सीपी शर्मा, नगर अध्यक्ष ममता रानी आदि उपस्थित है




