

रुद्रपुर / उत्तराखंड।राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने प्रदेश के सभी पत्रकारों, फोटो-पत्रकारों, वीडियोग्राफरों, संपादकों, ब्यूरो प्रमुखों, संवाददाताओं और मीडिया कर्मियों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने कहा कि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और पत्रकार समाज की आवाज़ तथा न्याय के प्रहरी हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाना समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

श्रमजीवी पत्रकार यूनियन — प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शास्त्री ने कहा:
“पत्रकारिता केवल खबरों को संकलित करने का कार्य नहीं बल्कि सत्य को जन-जन तक पहुँचाने का संघर्ष है। पत्रकारों पर बढ़ते हमले, दबाव, सेंसर और आर्थिक असुरक्षाएँ चिंताजनक हैं। हम सभी पत्रकारों से अनुरोध करते हैं कि वे एकजुट रहें और निर्भीक पत्रकारिता को कभी कमजोर न होने दें। पत्रकारिता दिवस पर पूरे प्रदेश के साथियों को शुभकामनाएँ।”
16 नवंबर केवल कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि पत्रकारिता की आत्मा — सत्य, साहस और जनहित के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की स्थापना इसी उद्देश्य से हुई थी कि प्रेस की स्वतंत्रता सुरक्षित रहे और पत्रकारिता नैतिकता व जवाबदेही के साथ समाज का मार्गदर्शन करती रहे।आज जब लोकतंत्र का चौथा स्तंभ लगातार दबाव, अपमान, ट्रोलिंग और हमलों का सामना कर रहा है, तब यह दिन हमें याद दिलाता है कि पत्रकारिता का धर्म किसी दल, सरकार या विचारधारा को खुश करना नहीं, बल्कि सत्य को जन-जन तक पहुँचाना है। पत्रकार झुक सकता है लेकिन बिकता नहीं — क्योंकि उसकी कलम केवल सत्ता से सवाल नहीं करती, बल्कि समाज के मौन पीड़ितों की आवाज भी बनती है।यदि पत्रकार सचमुच बिके होते तो सड़कों की दुर्दशा, अस्पतालों की अव्यवस्था, स्कूलों की कमियां और सत्ता के दुरुपयोग जैसे मुद्दे कभी जनता तक नहीं पहुँचते। इसलिए विचारभिन्नता हो तो शालीनता रखें, क्योंकि हर पत्रकार जनता का है, किसी सत्ता का नहीं।राष्ट्रीय प्रेस दिवस का उद्देश्य स्पष्ट है — लोकतंत्र को जीवित रखने वाली कलम की रक्षा और सम्मान।
महासचिव विश्वजीत नेगी ने अपने संदेश में कहा:
“सत्ता, बाजार और अपराध जगत के बीच स्वतंत्र पत्रकारिता को बनाए रखना साहस का काम है। वह पत्रकार जो सच पर अडिग है — वही लोकतंत्र का सच है। प्रेस दिवस पर हम पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराते हैं।”
रुद्रपुर, उधम सिंह नगर जिला अध्यक्ष राजीव चावला ने कहा:
“जन-सरोकारों पर आधारित पत्रकारिता ही वास्तविक पत्रकारिता है। प्रदेश व जनपद रुद्रपुर के सभी पत्रकार कठोर परिस्थितियों के बावजूद सच्चाई की रोशनी फैलाने में लगे हुए हैं। हम सभी को प्रेस दिवस पर शुभकामनाएँ और एकता व मजबूती की अपील करते हैं।”
हिंदुस्तान अखबार के ब्यूरो चीफ अजय जोशी ने कहा:
“जब पत्रकार निर्भीक है तभी लोकतंत्र जीवित है। सच लिखने वाला पत्रकार सत्ता का दुश्मन नहीं बल्कि समाज का संरक्षक होता है। पत्रकारिता दिवस पर सभी साथियों को शुभकामनाएँ और ईमानदार रिपोर्टिंग के लिए प्रेरणा संदेश।”
मनोज आर्या — अमृत विचार / श्रमजीवी पत्रकार यूनियन:
“पत्रकारों के त्याग और समर्पण का मूल्य शब्दों में नहीं आंका जा सकता। पत्रकारिता दिवस पर मैं नगर के सभी पत्रकारों को बधाई देता हूँ और अपील करता हूँ कि हम सब मिलकर पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए आवाज़ बुलंद करें।”
शैल ग्लोबल टाइम्स — संपादक दिनेश बम ने कहा:
“खतरे उठाकर भी जो सच लिखता है, वही सबसे बड़ा क्रांतिकारी है। पत्रकारिता दिवस पर प्रण लें कि न हमारी कलम बिकेगी, न झुकेगी और न रुकेगी।”
— अवतार सिंह बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता (श्रमजीवी पत्रकार यूनियन)
राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर मैं प्रदेश के सभी पत्रकार साथियों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ। पत्रकारिता आज चुनौतियों के बीच सच को बचाए रखने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी निभा रही है। सत्ता, सिस्टम और अपराध जगत के दबावों के बावजूद पत्रकार बिना डर के जन-सरोकारों की आवाज़ बनकर खड़े हैं — यही पत्रकारिता की असली ताकत है। हमारी कलम किसी के दबाव में न झुके, न बिके और न रुके, यही आज का संकल्प होना चाहिए। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन हर पत्रकार की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए सदैव संघर्षरत रहेगी।
यह बयान श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की ओर से राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर जारी किया गया।
— अवतार सिंह बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता
श्रमजीवी पत्रकार यूनियन
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राष्ट्रीय प्रेस दिवस हमें यह याद दिलाता है कि—
समाचार वही नहीं जो दिखाया जाए; समाचार वह है जिसे छिपाया जा रहा हो।
पत्रकारिता का असली उद्देश्य शक्ति केंद्रों से सवाल पूछना, दबे-कुचलों की आवाज़ बनना और सत्ता को जवाबदेह बनाना है। मीडिया तभी तक लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है जब तक वह—
✔ सत्य के साथ है
✔ जनता के साथ है
✔ जन-सरोकारों के साथ है
पत्रकारिता का मूल धर्म लोकप्रियता नहीं — सत्य है।
पत्रकारिता का सबसे बड़ा पुरस्कार तालियाँ नहीं — विश्वास है।
पत्रकारिता का सबसे बड़ा हथियार आक्रोश नहीं — तथ्य हैं।
━ पत्रकारिता दिवस का उद्देश्य
“पत्रकारों को यह याद दिलाना कि प्रेस की स्वतंत्रता उनका अधिकार है —
और प्रेस की जिम्मेदार रिपोर्टिंग समाज के प्रति उनका कर्तव्य।”
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अवतार सिंह बिष्ट
वरिष्ठ पत्रकार — प्रदेश प्रवक्ता
श्रमजीवी पत्रकार यूनियन / हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स / उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
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