देहरादून से गिरफ्तार तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) से जुड़े संदिग्ध जासूस विक्रांत कश्यप के नेटवर्क की एसटीएफ व केंद्रीय जांच एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है।

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आरोपित से कुछ डिजिटल डिवाइस व दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपित किसी बड़े मॉड्यूल का हिस्सा है या अकेले काम कर रहा है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

एजेंसियां आरोपित के मोबाइल व इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स की जांच कर रही हैं। इसके अलावा संदिग्ध फंडिंग व लेनदेन की पड़ताल भी की जा रही है। पुलिस की ओर से अन्य राज्यों की एजेंसियों से समन्वय व इनपुट साझा किया जा रहा है व जल्द ही संभावित सहयोगियों की पहचान के लिए दबिश दी जा सकती है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इसी को देखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी अलर्ट किया गया है।

एसटीएफ उत्तराखंड ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 14 अप्रैल को प्रस्तावित देहरादून दौरे से ठीक पहले राजधानी में टीटीएच के संदिग्ध जासूस विक्रांत कश्यप को गिरफ्तार कर उसके पास से 0.32 बोर की पिस्टल बरामद की थी।

यह पिस्टल उसे दिल्ली के रहने वाले एक व्यक्ति ने उपलब्ध कराई थी। आरोप है कि पाकिस्तान में बैठे टीटीएच के जासूस शहजाद भट्टी ने विक्रांत कश्यप को यह पिस्टल टीटीएच ज्वाइन करने के बदले गिफ्ट के रूप में दी थी।


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