

रुद्रपुर में पुलिस कप्तान मणिकांत मिश्रा की तैनाती के बाद अपराध और अपराधियों का व्यवहार अजब ढंग से बदला है। अपराधी गोलियां चलाते हैं पर किसी को लगती नहीं, और पुलिस हर बार घुटने के नीचे की ‘परफेक्ट शूटिंग’ से सबको चकित कर देती है।

रुद्रपुर। उधम सिंह नगर में पुलिस कप्तान मणिकांत मिश्रा की तैनाती के बाद जिले की कानून–व्यवस्था और पुलिसिंग का रंग-ढंग बिल्कुल बदल गया है। इसी बदलाव का असर अपराधियों की कार्यशैली में भी साफ झलक रहा है। जो अपराधी कभी पुलिस की आहट तक सुनकर गलियों में गायब हो जाते थे, वे अब पुलिस को देखते ही फायर झोंक देते हैं। लेकिन इस नई “दबंगई” की भी अपनी ही अजब कहानी है—क्योंकि जिले के अपराधियों की गोलियां किसी को छूकर भी नहीं गुजरतीं।
कहा जा रहा है कि उधम सिंह नगर का अपराधी अब अपराध तो करता है, पर हिंसक नहीं हुआ। तमंचा जरूर उठाता है, लेकिन महात्मा गांधी की ‘अहिंसा’ पर उसका पूरा भरोसा है! तभी तो भागते-भागते चलाई गई गोलियां भी न पुलिसकर्मी को लगती हैं, न किसी आम नागरिक को और न ही किसी जीव-जंतु को। मानो अपराधी गोली चलाने से पहले यह प्रण लेता हो—“लगना नहीं है… बस शोर करना है!”
दूसरी ओर, पुलिस के जांबाज जवानों की निशानेबाजी की महारत ने पूरे जिले को चकित कर रखा है। उधम सिंह नगर पुलिस की हर मुठभेड़ में एक कमाल की समानता दिखाई देती है—अपराधी चाहे कितना भी तेज भागे, पुलिस की गोली हर बार घुटने के नीचे ही लगती है, बिलकुल सटीक, एक ही एंगल में। न एक इंच ऊपर, न एक इंच नीचे।
जिले में चर्चा यह भी है कि अगर भारत सरकार कभी शूटिंग टीम को प्रशिक्षित करने के लिए उधम सिंह नगर पुलिस को जिम्मा दे दे, तो ओलंपिक में 4–6 गोल्ड मेडल तो पक्के मानिए। आत्मरक्षा में दौड़ते-दौड़ते भी इतनी नियंत्रित निशानेबाजी शायद ही दुनिया में कहीं देखने को मिले।
हाल के एनकाउंटर में भी यही “कला” दिखाई दी। अपराधी ने गोलियां चलाईं—लेकिन तय नियमों के मुताबिक किसी को नहीं लगीं। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की—और जिम्मेदारी से ठीक घुटने के नीचे एकदम निशाना साधा। बाद में वही पुराना दृश्य—अपराधी अस्पताल में, पैर पर पट्टी, सामने पुलिस कप्तान गंभीर मुद्रा में, वही फ्रेम, वही पोज़।
कुछ लोग इन दोहराए जाने वाले दृश्यों और हर मुठभेड़ के एक जैसे परिणामों पर सवाल उठाते हैं, लेकिन जिले की बड़ी आबादी इसे कानून-व्यवस्था की “सर्जिकल दक्षता” मानती है।
सबसे खास बात—35 महीने की तैनाती और 35वां एनकाउंटर! इस बार मुठभेड़ “एनकाउंटर–एनकाउंटर लीग” का बेस्ट परफॉर्मेंस अवॉर्ड गया गदरपुर थाना के नाम।
उधम सिंह नगर पुलिस को इतने नियंत्रित, संतुलित और सर्जिकल स्टाइल एनकाउंटर पर—बहुत-बहुत बधाई!




