प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राज्य के सात जिलों में गत वर्ष की तुलना में वाहन दुर्घटना व मृतकों की संख्या में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

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गत वर्ष की तुलना में वर्ष 2025 में माह सितंबर तक सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 4.42 प्रतिशत, मृतकों की संख्या में 19.09 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 39.74 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। इसे देखते हुए आयुक्त परिवहन बीके संत ने सभी जिलों को सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद इन पर रोक नहीं लग पा रही है। सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण ओवर स्पीडिंग, रेड लाइट जंपिंग और कई स्थानों पर खराब सड़कों को माना गया है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो गत वर्ष सितंबर तक 1311 सड़क दुर्घटनाएं हुई थी। इस वर्ष यह आंकड़ा 1369 पहुंच गया है। इसी प्रकार गत वर्ष सितंबर तक दुर्घटनाओं में 770 व्यक्तियों की मौत हुई थी इस वर्ष यह संख्या 917 पहुंच गई है। वहीं घायलों की संख्या भी 1145 से बढ़कर 1600 हो गई है। यद्यपि हरिद्वार व चंपावत दो ऐसे जिले हैं, जहां वाहन दुर्घटनाओं और मृतकों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।

इन सात जिलों में सबसे अधिक दुर्घटनाएं

रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, पौड़ी व अल्मोड़ा

इन जिलों में सबसे अधिक मृत्यु

पिथौरागढ़, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, टिहरी व देहरादून

सड़क दुर्घटनाओं की तुलनात्मक स्थिति

  • जिला, वर्ष, दुर्घटना, मृतक
  • उत्तरकाशी, 2024, 13, 15
      • 2025, 16, 12
  • टिहरी, 2024, 44, 31
    • 2025, 45, 42
  • चमोली 2024, 14, 09
    • 2025, 35, 29
  • रुद्रप्रयाग 2024, 09, 21
    • 2025, 27, 33
  • पौड़ी 2024, 22, 21
    • 2025, 31, 22
  • देहरादून 2024, 397, 145
    • 2025, 326, 172
  • हरिद्वार 2024, 341, 217
    • 2025, 296, 217
  • नैनीताल 2024, 118, 94
    • 2025, 207, 120
  • यूएस नगर 2024, 295, 189
    • 2025, 305, 216
  • अल्मोड़ा 2024, 17, 08
    • 2025, 23, 13
  • पिथौरागढ़ 2024, 19, 03
    • 2025, 29, 32
  • चंपावत 2024, 19, 13
    • 2025, 17, 12
  • बागेश्वर 2024, 04, 04
    • 2025, 12, 12

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