

पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं और कांग्रेस ही ऐसी इकलौती पार्टी है जिसके उम्मीदवार सभी सीटों पर चुनाव मैदान में हैं. जिन उम्मीदवारों पर पार्टी ने दांव लगाया है उनमें मुर्शिदाबाद जिले की बहरामपुर सीट से अधीर रंजन चौधरी और मालदा जिले की मालतीपुर सीट से मौसम नूर शामिल हैं.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने लेफ्ट पार्टियों के साथ गठबंधन किया था और महज 90 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. 2024 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से केवल 12 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे.
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राहुल-प्रियंका प्रचार करेंगे या नहीं?
इसके बावजूद ये तय नहीं है कि राहुल गांधी पार्टी के लिए प्रचार करेंगे या नहीं? और अगर करेंगे भी तो कितनी सीटों पर. यही बात प्रियंका गांधी के लिए भी लागू होती है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद पार्टी केवल उन सीटों पर फोकस कर रही है जहां उसकी स्थिति अपेक्षाकृत थोड़ी अच्छी है और पार्टी उन्हीं सीटों पर अपने संसाधन का इस्तेमाल करना चाहती है.
इसके अलावा ऐसा भी माना जा रहा है कि कांग्रेस भले ही राज्य की सत्तारूढ़ टीएमसी के खिलाफ चुनाव लड़ रही है लेकिन दोनों पार्टियों के बीच एक अलिखित और अघोषित समझौता है कि कांग्रेस के बाकी नेता तो चुनाव प्रचार करेंगे लेकिन राहुल गांधी और प्रियंका गांधी चुनाव प्रचार से दूर रहेंगे. हालांकि औपचारिकता पूरी करने के लिए शायद दो-तीन सीटों पर चुनाव प्रचार कर दें. उसकी वजह ये भी है कि टीएमसी मुखिया ममता बनर्जी को लगता है कि अगर राहुल गांधी चुनाव प्रचार करने पहुंचे तो कहीं बीजेपी विरोधी वोटों, खासकर मुसलमान वोटों में कुछ विभाजन न हो जाए और बीजेपी इसका फायदा उठा ले जाए.
मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे जिलों में मुसलमान वोटरों की अच्छी खासी तादाद है और इन्हीं जिलों में कांग्रेस के कुछ सबसे ताकतवर उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व भी टीएमसी की इस आशंका से इत्तेफाक रखता है.
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2021 में सिर्फ 2 सीटों पर किया था प्रचार
इस पहेली को समझने के लिए राज्य में हुए पिछले दोनों चुनावों को देखना भी दिलचस्प होगा. 2021 के विधानसभा चुनाव में भी राहुल गांधी ने केवल एक दिन चुनाव प्रचार किया था. बंगाल में उस बार आठ चरणों में चुनाव हुए थे और राहुल गांधी ने केवल दो विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार किया, वो भी पांचवें चरण में. ये दोनों सीटें उत्तरी दिनाजपुर और दार्जिलिंग जिले की थीं. उसके बाद कोरोना महामारी का हवाला देकर राहुल गांधी ने खुद भी चुनाव प्रचार नहीं किया और दूसरी पार्टियों से भी प्रचार से दूर रहने की अपील की.
इसी तरह 2024 के लोकसभा चुनाव में भी राहुल गांधी राज्य में केवल एक ही दिन चुनाव प्रचार करने गए. उन्होंने कांग्रेस की अपेक्षाकृत थोड़ी मजबूत पकड़ वाले जिलों, मुर्शिदाबाद और मालदा में प्रचार किया. जबकि उस लोकसभा चुनाव में उन्होंने देशभर में कुल 110 चुनावी सभाएं की थी.




