

लेकिन दूसरा पायलट दो दिन से लापता था. अब खबर है कि दूसरे पायलट का भी अमेरिकी रेस्क्यू टीम ने रेस्क्यू कर लिया है. अल-जजीरा ने अमेरिकी अधिकारी के हवाले से इसकी पुष्टि की है. हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
दरअसल, 3 अप्रैल को ईरान ने अमेरिकी सेना के लड़ाकू विमान F-15E को मार गिराया था. इसमें दो पायलट सवार थे. इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. पहले पायलट को तो उसी दिन रेस्क्यू कर लिया गया था. जबकि, दूसरा पायलट लापता था. अब उसे भी रेस्क्यू कर लिया गया है. हालांकि, इस दौरान अमेरिका और ईरान के बीच जमकर गोलीबारी भी हुई.
अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है, क्योंकि रेस्क्यू टीम और पायलट अभी भी ईरान की सीमा के भीतर ही हैं. बताया जा रहा है कि गोलीबारी हो रही है. अब सबसे बड़ी चुनौती पायलट को ईरान से सुरक्षित बाहर निकालना है.
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ईरान से बाहर निकलना सबसे बड़ी चुनौती
3 अप्रैल को जब ईरान ने F-15E को मार गिराया था. इसके बाद ईरान ने पायलटों को ढूंढने पर इनाम देने का ऐलान कर दिया था.
अब अमेरिकी सरकार के एक अधिकारी ने अल-जजीरा को बताया है लापता पायलट को बचा लिया गया है. लेकिन वह अभी पूरी तरह सेफ नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि रेस्क्यू टीम को अभी भी ईरान से सुरक्षित बाहर निकलकर सुरक्षित जगह पर पहुंचना बाकी है.
रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है. अमेरिकी सरकार के अधिकारी ने पायलट के लिए ‘एयरमैन’ शब्द का इस्तेमाल किया है. इसलिए यह साफ नहीं है कि वह लापता पायलट महिला है या पुरुष.
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ईरान-अमेरिका दोनों ढूंढ रहे थे
F-15E के मार गिराए जाने के बाद पायलट को अमेरिका और ईरान दोनों ही उसे ढूंढ रहे थे. ईरानी सेना ने लापता अमेरिकी पायलट की तलाश के लिए एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. ईरान ने पायलट की जानकारी देने वाले को 60 हजार डॉलर का इनाम देने का ऐलान किया था. न्यूज एजेंसी AFP ने बताया था कि पायलट को ढूंढ निकालने के लिए ईरान ने अपनी सेना के अलावा कबीलाई लोगों को भी तैनात किया था. ईरानी मीडिया तस्नीम न्यूज ने दावा किया था कि ईरान में बमबारी कर अमेरिका अपने ही पायलट को मारने की कोशिश कर रहा है.
इस संघर्ष में अमेरिका का पहला विमान मारा
28 फरवरी से जारी जंग में F-15E पहला विमान था, जिसे ईरानी सेना ने मार गिराया. अमेरिकी सेना के F-15E स्ट्राइक ईगल के लिए 3.11 करोड़ डॉलर (लगभग 289 करोड़ रुपये) का विमान है. इसमें एक पायलट और एक वेपन सिस्टम ऑफिसर सवार थे. इसके बाद उसी दिन ईरान ने कुवैत के ऊपर एक और विमान A-10 वॉरथॉग फाइटर जेट को भी मार गिराया था, जिसकी कीमत लगभग 1.88 करोड़ डॉलर (लगभग 174 करोड़ रुपये) है.




