उत्तराखंड में सत्ता परिवर्तन की आहट या सियासी …..?रुद्रपुर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन: प्रभारी Kumari Selja के आगमन से बदले सियासी संकेत

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रुद्रपुर। उत्तराखंड कांग्रेस में लंबे समय से चल रही गुटबाजी और आपसी खींचतान के बीच पार्टी की प्रदेश प्रभारी Kumari Selja का रुद्रपुर आगमन महज़ एक संगठनात्मक दौरा नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश देने वाला घटनाक्रम बनकर उभरा। उनके स्वागत में जुटी भीड़ और मंच पर दिखी नेताओं की एकजुटता ने यह संकेत दिया कि कांग्रेस अब मिशन 2027 को लेकर आक्रामक तेवर अपनाने की तैयारी में है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

उत्तराखंड में सत्ता परिवर्तन की आहट या सियासी भ्रम?उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों “भाजपा मुक्त राज्य” की गूंज तेज हो रही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह आहट वास्तविक जनभावना है या सिर्फ विपक्ष का रणनीतिक शोर। Bharatiya Janata Party अभी भी संगठनात्मक रूप से मजबूत दिखती है, वहीं Indian National Congress गुटबाजी से जूझ रही है। रुद्रपुर जैसे शक्ति प्रदर्शन संदेश जरूर देते हैं, पर सत्ता परिवर्तन केवल नारों से नहीं, मजबूत जमीनी पकड़ और विश्वसनीय नेतृत्व से तय होता है। आने वाला समय बताएगा कि यह आहट हकीकत बनेगी या सियासी हवा साबित होगी।

रुद्रपुर में कांग्रेस नेताओं का भव्य स्वागत समारोह,रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में आगमन पर उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव सांसद कुमारी शैलजा का भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय कांग्रेस नेता गुरदीप सप्पल, सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, मनोज यादव, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, चुनाव समिति अध्यक्ष प्रीतम सिंह, प्रबंधन समिति अध्यक्ष हरक सिंह रावत, उपनेता विधायक भुवन कापड़ी, विधायक तिलक राज बेहड़, आदेश चौहान, गोपाल सिंह राणा, पूर्व सांसद महेंद्र पाल, प्रकाश जोशी, नारायण पाल, हरेंद्र सिंह लाड्डी, जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा व महानगर अध्यक्ष ममता रानी मौजूद रहे। नेताओं का गदा व तलवार भेंट कर अभिनंदन किया गया।


रुद्रपुर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व विधायक Rajkumar Thukral और विधायक Tilak Raj Behar की मौजूदगी खास तौर पर चर्चा में रही। मंच से दोनों नेताओं के तेवर और कार्यकर्ताओं का जोश साफ तौर पर यह दर्शा रहा था कि पार्टी अंदरूनी मतभेदों को पीछे छोड़कर एकजुटता का प्रदर्शन करना चाहती है।
पूर्व विधायक Rajkumar Thukral के आक्रामक संबोधन ने कार्यक्रम में ऊर्जा भर दी। उनके बयान को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “गर्जना” के रूप में लिया, जिसने रुद्रपुर की सियासत में हलचल पैदा कर दी। वहीं Tilak Raj Behar की उपस्थिति ने संगठनात्मक मजबूती का संदेश दिया।
कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष Yashpal Arya और खटीमा विधायक Bhuvan Kapri सहित कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने इसे एक बड़े शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया। “भाजपा मुक्त उत्तराखंड” का नारा और मिशन 2027 की रणनीति पर जोर देते हुए कांग्रेस ने साफ संकेत दिया कि वह अब विपक्ष की भूमिका से आगे बढ़कर सत्ता परिवर्तन की दिशा में सक्रिय हो चुकी है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस शक्ति प्रदर्शन और एकजुटता के संदेश ने भारतीय जनता पार्टी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कार्यकर्ताओं में जहां उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली, वहीं भाजपा खेमे में संभावित राजनीतिक बदलाव को लेकर हल्की बेचैनी भी महसूस की जा रही है।
कुल मिलाकर, रुद्रपुर में Kumari Selja के आगमन ने कांग्रेस के भीतर नई ऊर्जा का संचार किया है। अब देखना यह होगा कि यह एकजुटता आगामी चुनावी रणनीति में कितनी प्रभावी साबित होती है और क्या वास्तव में उत्तराखंड की राजनीति में सत्ता परिवर्तन की आहट तेज होती है।


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