मिडिल ईस्ट की जंग अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा सैन्य प्रहार करते हुए उसके रणनीतिक शहर इस्फाहान को निशाना बनाया है।

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ईरान में महाप्रलय! अमेरिका ने इस्फाहान पर गिराया 1000 किलो का बंकर बस्टर, परमाणु प्लांट खत्म?

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

इस्फाहान वही जगह है, जिसे ईरान का सबसे महत्वपूर्ण परमाणु गढ़ माना जाता है। ताजा जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना ने यहाँ 1000 किलो के ‘बंकर बस्टर’ बमों का इस्तेमाल किया है, जो जमीन के कई फीट नीचे बने कंक्रीट के किलों को भी मटियामेट करने की ताकत रखते हैं।

ट्रंप ने खुद शेयर किया हमले का वीडियो

हैरानी की बात यह है कि एक तरफ जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध खत्म करने की चर्चाएं जोरों पर थीं, वहीं दूसरी तरफ ट्रंप ने खुद इस विनाशकारी ऑपरेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर दुनिया को चौंका दिया है। वीडियो में इस्फाहान शहर के आसमान में आग के गोले और भीषण धमाकों की आवाजें सुनी जा सकती हैं। हालांकि, अभी तक यह आधिकारिक रूप से साफ नहीं हो पाया है कि इस हमले में ईरान के परमाणु संयंत्रों को कितना नुकसान पहुंचा है, लेकिन धमाकों की तीव्रता किसी बड़ी तबाही की ओर इशारा कर रही है।

इस्फाहान ही क्यों था अमेरिका के निशाने पर?

इस्फाहान शहर अमेरिका और इजरायल की आंखों की किरकिरी लंबे समय से बना हुआ है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने अपना करीब 540 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) यहीं के अंडरग्राउंड ठिकानों में छिपा रखा है। मंगलवार को हुए इस हमले में अमेरिका के साथ इजरायल की भागीदारी की भी खबरें हैं। दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने ईरान को जो 15 सूत्रीय मांगें भेजी थीं, उनमें इस्फाहान, नतांज और फोर्डो जैसे परमाणु केंद्रों को पूरी तरह नष्ट करने की शर्त शामिल थी, जिसे ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया था।

बंकर बस्टर बम: पाताल में छिपे दुश्मनों का काल

वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में बड़ी मात्रा में ‘पेनेट्रेटर म्यूनिशन्स’ (Penetrator Munitions) यानी भेदने वाले हथियारों का इस्तेमाल किया गया है। ये खास तरह के बम होते हैं जिन्हें बंकर बस्टर कहा जाता है। इनका मकसद जमीन के अंदर गहराई में बनी लैब और मिसाइल स्टोरेज को खत्म करना होता है। इजरायल ने भी पिछले शुक्रवार को तेहरान और इस्फाहान के सैन्य ढांचे पर मिसाइलें दागी थीं, लेकिन अमेरिका के इस ताजा हमले ने युद्ध की आग को और भड़का दिया है।


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