एक वह दौर था, जब क्रिकेट में भारत की तूती बोलती थी। इस दौर को खत्म हुए अभी 2 साल भी नहीं हुए हैं। क्रिकेट में भारत की दीवार कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ ने हैड कोच गौतम गंभीर को ऐसी टीम सौंपी थी, जिसने कभी हारना नहीं सीखा था।

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हालांकि गौतम गंभीर के युग में भारत ने एशिया कप सहित कई टूर्नामेंट जीते हैं, लेकिन क्रिकेट के सबसे बड़े फार्मेट में भारत की ऐसी दुर्दशा कभी नहीं हुई।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

सबसे बड़ी बात यह है कि गौतम गंभीर के युग में ही भारत ने टीम से 2 महान खिलाड़ी गंवा दिए, जिनमें से तो एक भारतीय टीम के कप्तान थे, तो दूसरी टीम की जान। हम बात कर रहे हैं रन मशीन विराट कोहली और हिटमैन रोहित शर्मा की।

विराट कोहली की मौजूदगी ही विरोधी टीम को डरा देती थी, जबकि रोहित की कप्तानी विरोधी टीम को सोचने पर मजबूर कर देती थी। कुछ मैचों में दोनों खिलाडिय़ों को खराब परफार्मेंस से जूझना पड़ा, लेकिन यह एक दौर होता है, जो हर खिलाड़ी के समय में आता और फिर चला जाता है, लेकिन ऐसा क्या हो गया कि दोनों महानतम खिलाडिय़ों को टेस्ट टीम से ही विदा होना पड़ा। यह भारतीय टीम की सबसे मुश्किल घडिय़ों में से एक था, लेकिन दोनों खिलाड़ी टीम से ऐसे गए कि टेस्ट में बेस्ट देने वाली टीम फिसड्डी हो गई।

गंभीर के प्रयोग भारी पड़ रहे

बेशक गौतम गंभीर अच्छे खिलाड़ी रहे हैं और बतौर आईपीएल टीमों की हैड कोचिंग कर उन्हें चैंपियन बनाया है, लेकिन टेस्ट और वनडे का फॉर्मेट बिलकुल अलग है। टेस्ट में गौतम ने टेस्ट खिलाडिय़ों की बजाय टी-20 खिलाडिय़ों पर ज्यादा ध्यान दिया।

बार-बार नए प्रयोग करते रहे। टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैटर्ज की बजाय आलराउंडर खिलाडिय़ों को ज्यादा तवज्जो दी। बैटिंग ऑर्डर में लगातार बदलाव ने टीम इंडिया को फिसड्डी बना दिया। क्रिकेट फैन्स तो यहां तक कह रहे हैं कि ग्रेग चैप्पल ने भी कुछ ऐसा ही किया था और इरफान पठान जैसे दिग्गज गेंदबाज का करियर ही खत्म कर दिया था।

गौतम के युग में क्या-क्या हुआ

गौतम गंभीर जुलाई, 2024 में भारत के हैड कोच बने थे। उनके मार्गदर्शन में भारत ने एशिया कप जीता, लेकिन टेस्ट में गौतम गंभीर का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। पहले न्यूजीलैंड के हाथों घर में 3 मैचों की टेस्ट सीरीज गंवाई और फिर ऑस्ट्रेलिया में भी सीरीज से हाथ धोना पड़ा।

गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत ने अब तक 18 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें भारत को 10 में हार का सामना करना पड़ा है। गंभीर की कोचिंग में भारत ने सिर्फ 2 टेस्ट सीरीज जीती हैं और वह भी बांग्लादेश व वेस्टइंडीज जैसी लो रैंक्ड टीमों से।🏏 क्रिकेट हाइलाइट्स, स्कोर और बहुत कुछ


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