

अकेले इस मार्च तिमाही में रुपया डॉलर के मुकाबले 4.4% तक कमजोर हो चुका है।

RBI की सख्ती और सट्टेबाजी पर लगाम
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद आरबीआई (RBI) ने बैंकों के लिए नेट ओपन फॉरेक्स पोजीशन की सीमा $100 मिलियन तय कर दी थी। बैंकों को इसे 10 अप्रैल तक लागू करना है। हालांकि इस कदम का उद्देश्य सट्टेबाजी रोकना है, लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि इतनी कम समय सीमा (Deadline) की वजह से बाजार में अफरा-तफरी मची है और पोजीशन अनवाइंडिंग के कारण रुपया दबाव में है।
बॉन्ड मार्केट में 21 महीने का रिकॉर्ड टूटा
रुपये में गिरावट का असर सरकारी बॉन्ड मार्केट पर भी दिखा। भारत की 10-वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड यील्ड आज 7.0121% पर पहुंच गई। जुलाई 2024 के बाद यह पहली बार है जब यील्ड ने 7% का स्तर पार किया है। बॉन्ड यील्ड बढ़ने का सीधा मतलब है कि सरकार के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाएगा, जिसका असर आने वाले समय में बैंकों की ब्याज दरों और आपकी EMI पर पड़ सकता है।
कच्चे तेल की दोहरी मार
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के $116 के पार जाने से भारत के व्यापार घाटे (Trade Deficit) के बढ़ने की आशंका गहरा गई है। तेल आयात के लिए भारी मात्रा में डॉलर की जरूरत ने रुपये की मांग को कमजोर और डॉलर को मजबूत कर दिया है।




