आबकारी विभाग की पारदर्शिता—लॉटरी प्रणाली से 43 मदिरा दुकानों का निष्पक्ष आवंटन, प्रशासनिक ईमानदारी की मिसाल

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रुद्रपुर उत्तराखंड में सुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक सराहनीय पहल की है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशन तथा प्रभारी अधिकारी/उप जिलाधिकारी गौरव पाण्डेय की अध्यक्षता में जिला सभागार में 24 देशी एवं 19 विदेशी मदिरा दुकानों—कुल 43 दुकानों—का आवंटन पूरी तरह पारदर्शी लॉटरी पद्धति से किया गया। इस प्रक्रिया में कुल 257 आवेदन प्राप्त हुए, जो इस व्यवसाय में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और आकर्षण को दर्शाता है।
जनपद की 152 मदिरा दुकानों में से 132 का नवीनीकरण पहले ही किया जा चुका है, जबकि शेष 43 दुकानों का यह आवंटन प्रशासनिक दक्षता और समयबद्ध कार्यशैली का परिचायक है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)


विदेशी मदिरा दुकानों का आवंटन (नाम सहित)
जिन दुकानों पर एक-एक आवेदन प्राप्त हुआ, उनमें टनकपुर रोड खटीमा से कमला जोशी, सिसैया सितारगंज से गोविन्द सिंह मेहता, छोई रोड से पुष्पा कशवाहा, धीमरखेड़ा से सिंगारा सिंह, पिपलिया धौराडाम रोड से अमरू निशा, नादेही से अंशिका कण्डवाल, सुनपहर से वंशीधर मिश्रा को आवंटन किया गया।
किच्छा रोड सितारगंज की दुकान के लिए प्राप्त 3 आवेदनों में से लॉटरी द्वारा नवजोत सिंह को चयनित किया गया।
चैती चौहरा (26 आवेदन) से अर्जून सिंह खोलिया, रम्पुरा (13 आवेदन) से मानसी बत्रा, बाजपुर दोराहा (2 आवेदन) से लालबहादुर कुशवाहा, इन्द्रा कालोनी (6 आवेदन) से हरीश चन्द्र जोशी, ढकिया गुलाबो (4 आवेदन) से प्रतीक अग्रवाल, रामराज रोड मंडी गेट बाजपुर (62 आवेदन) से प्रकाश चन्द्र पाण्डे, धनौरी केला मोड़ (8 आवेदन) से राजवीर सिंह, सकैनिया रोड (9 आवेदन) से परमेश अरोरा, सुल्तानपुर पट्टी (4 आवेदन) से मनोज, निकट खुर्पिया फार्म किच्छा (8 आवेदन) से नरेन्द्र चन्द्र गुरूरानी, तथा परमानंदपुर (5 आवेदन) से जितेन्द्र सिंह को लॉटरी के माध्यम से दुकानें आवंटित हुईं।
देशी मदिरा दुकानों का आवंटन (नाम सहित)
एकल आवेदन वाली दुकानों में सितारगंज चीनीमिल रोड से कैलाश चन्द्र, पुरनापुर टेड़ाघाट से रूपेश कुमार, भगवंतपुर से मानसी बत्रा, धीमरखेड़ा से जसवंत सिंह, हल्दुआ साहू से रूबी वर्मा, पटिया कौधाअसरफ से भुपेश जायसवाल, पिपलिया धौराडाम रोड से अमृत कुमार, प्रतापपुर रोड से योगेश चन्द्र जोशी, दुकड़ी बिचवा से भुपेश जायसवाल, सुनपहर से सतीश पाठक, बगियाघाट से भूपेन्द्र सिंह कठायत को आवंटन किया गया।
लॉटरी के माध्यम से मानपुर रोड (2 आवेदन) से सावित्री देवी, अनाज मंडी काशीपुर (10 आवेदन) से रूपेश कुमार, मलसागिरधरपरु (30 आवेदन) से लोकेश कुमार सक्सेना, जाफरपुर (6 आवेदन) से मानसी बत्रा, चक्की मोड़ (5 आवेदन) से जितेन्द्र सिंह नेगी, छिनकी किच्छा (17 आवेदन) से रामअयोध्या, बिन्दुखेड़ा रोड दानपुर (2 आवेदन) से संजय सिंह, बानूसी (4 आवेदन) से जसविन्दर सिंह, खुर्पिया फार्म किच्छा (6 आवेदन) से अश्वनी कुमार, निकट परमानंदपुर (2 आवेदन) से लाल सिंह, सकैनिया रोड (2 आवेदन) से सौरभ कुशवाहा, पिपलिया बाजपुर (2 आवेदन) से संदीप कुमार, तथा निकट कोसी काटा बाजपुर (3 आवेदन) से राजकुमार महरोत्रा को दुकानें आवंटित की गईं।
इस दौरान प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी महेन्द्र बिष्ट सहित सभी आवेदक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
संपादकीय दृष्टिकोण: पारदर्शिता से विश्वास की स्थापना
यह पूरी प्रक्रिया उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन की पारदर्शी कार्यशैली का स्पष्ट उदाहरण है। लॉटरी प्रणाली के माध्यम से निष्पक्ष आवंटन ने वर्षों से चली आ रही अपारदर्शिता और सिफारिश आधारित व्यवस्था पर विराम लगाया है।
आबकारी विभाग की यह उपलब्धि न केवल राजस्व बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत करेगी।
हालांकि, आगे की चुनौती इन दुकानों के संचालन में पारदर्शिता बनाए रखने की है—ताकि अवैध शराब, ओवररेटिंग और सामाजिक दुष्प्रभावों पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
यह कहा जा सकता है कि उत्तराखंड में आबकारी विभाग ने पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया है, जो अन्य विभागों के लिए भी एक आदर्श बन सकता है।


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