

करणी सेना समेत कई संगठनों ने 1 फरवरी को भारत बंद का ऐलान किया है. इस बीच, सरकार यूजीसी के नए नियमों को लेकर फैली भ्रम और आशंका खत्म करने के लिए जल्द ही तस्वीर साफ करने वाली है.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्रालय में लगातार मंथन चल रहा है. इसके हर पहलू को देखा जा रहा है. यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है. इसको लेकर शीर्ष अदालत में याचिका दायर की गई है. ऐसे में सरकार कानूनी दायरे में रहते हुए ही अपन बात सामने रखेगी.
यूजीसी के नियम किसी वर्ग के खिलाफ नहीं
मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यूजीसी के नए भेदभाव विरोधी नियम किसी भी वर्ग के खिलाफ नहीं हैं.
नियमों के तहत जो जांच समितियां बनाई जाएंगी, वे पूरी तरह निष्पक्ष होंगी और उनमें हर वर्ग का प्रतिनिधित्व होगा, ताकि किसी तरह के भेदभाव या एकतरफा फैसले की गुंजाइश न रहे.
एसओपी जारी होने पर साफ होगी तस्वीर
सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही इन नियमों को लेकर SOP यानी गाइडलाइंस जारी होंगी, तस्वीर और साफ हो जाएगी. सरकार का कहना है कि UGC के नए नियमों का मकसद उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना है. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि नियमों को लागू करते समय किसी छात्र, शिक्षक या समुदाय के साथ अन्याय न हो.




