वन्य जीव हमलों पर उक्रांद का सरकार को अल्टीमेटम, ठोस नीति नहीं बनी तो होगा आंदोलन

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नैनीताल। उत्तराखंड क्रांति दल की नैनीताल इकाई ने बढ़ते मानव-वन्य जीव संघर्ष को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायक डॉ नारायण सिंह जंतवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)


डॉ. जंतवाल ने कहा कि राज्य में लगातार बढ़ रहे वन्य जीव हमलों से आम जनता भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। लोगों की असमय मौतें हो रही हैं, पशुधन का भारी नुकसान हो रहा है और ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने हाल ही में भीमताल क्षेत्र में बाघ के हमले में वृद्ध महिलाओं की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे बेहद चिंताजनक बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है, जबकि किसी परिवार के सदस्य की जान की भरपाई संभव नहीं है। उक्रांद ने मांग की कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने के लिए अध्यादेश लाया जाए और घायलों का देशभर में मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा पार्टी ने वन्य जीव आपदा प्राधिकरण की स्थापना, संवेदनशील क्षेत्रों में बफर जोन बनाने, सशक्त निगरानी व्यवस्था, स्मार्ट बाड़ों का निर्माण, हमलों की जवाबदेही तय करने और मुआवजा राशि बढ़ाने जैसी मांगें भी उठाईं।
डॉ. जंतवाल ने यह भी कहा कि सरकार जहां रोजगार देने में विफल है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलकर सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रही है, जिससे मातृशक्ति को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो उक्रांद राज्यभर में जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज करेगा, ताकि शहीदों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड का निर्माण हो सके।
इस दौरान खड़क सिंह बगड़वाल, जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान, श्याम नारायण, कमलेश पांडेय, प्रकाश पांडेय, मनोज साह, इंदर सिंह नेगी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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