

रुद्रपुर में ईदगाह की आड़ में 8 एकड़ सरकारी जमीन से हटाया अतिक्रमण, तड़के चला प्रशासन का बुलडोजर, हाईकोर्ट के आदेश पर हुई बड़ी कार्रवाई

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर)।
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद स्थित रुद्रपुर में आज तड़के जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खेड़ा क्षेत्र में ईदगाह की आड़ में वर्षों से किए गए अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चला दिया। मदरसा सोसाइटी द्वारा नजूल (सरकारी) भूमि पर किए गए अवैध निर्माण की चारदीवारी ध्वस्त कर लगभग 8 एकड़ सरकारी भूमि को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया। मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात रही।
प्रशासन की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर संचालित सरकारी भूमि अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत की गई। एडीएम पंकज उपाध्याय ने बताया कि यह अतिक्रमण पिछले 7–8 वर्षों से धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा था। वर्ष 2018 में यह मामला हाईकोर्ट में पहुंचा था, जहां से जमीन खाली कराने के स्पष्ट आदेश दिए गए थे।
ड्रोन सर्वे के बाद चिन्हित हुई जमीन
कार्रवाई से पहले नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम ने ड्रोन सर्वे और नाप-जोख के माध्यम से नजूल भूमि की सटीक पहचान की। इसके बाद आज सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रशासन, नगर निगम और पुलिस बल की संयुक्त टीम खेड़ा स्थित ईदगाह के पास पहुंची और अवैध चारदीवारी को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी बल को भी तैनात किया गया। खेड़ा जाने वाले मार्ग पर यातायात अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। केवल स्थानीय निवासियों को ही पहचान के बाद प्रवेश की अनुमति दी गई।
खेड़ा की 8 एकड़ भूमि कब्जामुक्त होना ऐतिहासिक : विधायक शिव अरोड़ा,रुद्रपुर। खेड़ा क्षेत्र में ईदगाह के नाम पर वर्षों से अवैध कब्जे में रही करीब 8 एकड़ सरकारी भूमि को प्रशासन द्वारा कब्जामुक्त कराए जाने को विधायक शिव अरोड़ा ने ऐतिहासिक कार्रवाई बताया है। उन्होंने इस कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर निगम की टीम का आभार व्यक्त किया।
विधायक अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने इस अवैध कब्जे का मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया था, जिसके बाद त्वरित और निर्णायक कार्रवाई हुई। उन्होंने इसे रुद्रपुर में अब तक की सबसे बड़ी भूमि संबंधित कार्रवाई बताया।
उन्होंने पूर्व में इंद्रा चौक क्षेत्र से मजार हटाने और पहाड़गंज में अवैध रूप से बन रही मस्जिद को ध्वस्त कराने की कार्रवाई का भी उल्लेख किया।
विधायक ने कहा कि कब्जामुक्त कराई गई इस भूमि पर भविष्य में कोई जनहितकारी बड़ा प्रोजेक्ट लाया जाएगा, जिससे रुद्रपुर की जनता को सीधा लाभ मिल सके।
रुद्रपुर। खेड़ा स्थित ईदगाह के पास सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा और महापौर विकास शर्मा मौके पर मौजूद रहे। दोनों नेताओं की मौजूदगी और उनके कड़े तेवरों के बयान सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे हैं। विधायक शिव अरोड़ा ने कहा कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है, आगे भी सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कठोर अभियान जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून के शासन में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
महापौर विकास शर्मा ने भी प्रशासनिक कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि नगर निगम की ओर से शहर की सरकारी संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर को अतिक्रमण मुक्त और सुव्यवस्थित शहर बनाना नगर निगम की प्राथमिकता है। दोनों नेताओं के इन बयानों के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले दिनों में अतिक्रमण के विरुद्ध और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सरकारी बोर्ड लगाकर लिया कब्जा
ध्वस्तीकरण के बाद प्रशासन की टीम ने कब्जा मुक्त कराई गई भूमि पर सरकारी बोर्ड लगाकर स्पष्ट संदेश दे दिया कि यह भूमि पूर्णतः सरकारी है और भविष्य में दोबारा अतिक्रमण की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रशासन का सख्त संदेश
एडीएम पंकज उपाध्याय ने साफ कहा कि,
“हाईकोर्ट के आदेश और सरकार के स्पष्ट निर्देश के तहत यह कार्रवाई की गई है। जिले में कहीं भी सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”
नगर निगम की अहम भूमिका
नगर निगम की टीम ने न केवल मौके पर तकनीकी सहयोग दिया बल्कि ध्वस्तीकरण के बाद भूमि के सीमांकन की कार्रवाई भी पूरी की, ताकि भविष्य में कोई नया कब्जा न किया जा सके।
जिले में चल रहा अतिक्रमण विरोधी अभियान
गौरतलब है कि ऊधम सिंह नगर जिले में बीते कई महीनों से सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने का अभियान तेज किया गया है। इससे पहले भी कई स्थानों पर दुकानों, मकानों और चारदीवारियों पर बुलडोजर चलाया जा चुका है।
यह कार्रवाई उन लोगों के लिए कड़ा संदेश है जो वर्षों से सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा जमाए बैठे थे। प्रशासन ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे अतिक्रमण किसी भी नाम या आड़ में क्यों न किया गया हो।




