अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान पर सैन्य हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक वाशिंगटन के सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। उन्होंने तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने की कसम खाई।

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ट्रंप की ये टिप्पणी ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देशों, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं, को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले करने के बाद शत्रुता में तीव्र वृद्धि के बीच आई है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

24 घंटे में 1000 से अधिक ठिकानों को बनाया निशाना

ईरानी कारर्वाई को अमेरिका और इज़रायल द्वारा पहले किए गए संयुक्त हमलों का प्रतिशोध बताया गया है। अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने इज़रायल के साथ मिलकर किए गए एक बड़े समन्वित हमले के बाद पिछले 24 घंटों में ईरान के अंदर 1,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और लगभग 40 वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य अधिकारी मारे गए, जिससे ईरान के नेतृत्व ढांचे को निर्णायक झटका लगा है।

इस स्थिति ने व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है, जिसके चलते खाड़ी देशों ने अपनी सेनाओं को हाई अलटर् पर रखा है। इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी रात के बाद अपने इजरायली समकक्ष को फोन किया और उनसे स्थिति पर चर्चा की। बाद में मोदी ने’एक्स’पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा करने के लिए फोन पर बात हुई। हाल के घटनाक्रमों पर भारत की चिंताओं से अवगत कराया और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया। भारत ने शत्रुता को शीघ्र समाप्त करने की आवश्यकता को दोहराया।’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड से आत्मसमर्पण करने का किया आह्वान

एक वीडियो संबोधन में ट्रंप ने चेतावनी दी कि और भी अमेरिकी सैनिक हताहत हो सकते हैं, उन्होंने कहा, ‘दुख की बात है, इसके खत्म होने से पहले और भी हताहत होने की संभावना है।’ उन्होंने वादा किया कि ‘अमेरिका उनकी मौत का बदला लेगा’ और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को ‘सबसे करारा प्रहार’ करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड और सेना से आत्मसमर्पण करने का आह्वान किया, और उनसे आग्रह किया कि ‘अपने हथियार डाल दें और पूर्ण सुरक्षा प्राप्त करें या निश्चित मौत का सामना करें।

ईरान के सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला अली खामेनेई की संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हमलों में हत्या के बाद संघर्ष तेज हो गया। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल और अमेरिकी सेनाओं की मेजबानी करने वाले खाड़ी देशों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। कई देशों में विस्फोटों की खबरों के बाद, वैश्विक परिणामों के साथ एक लंबे क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बढ़ गई है।

ट्रंप ने कहा कि ईरान नौसेना के नौ जहाज नष्ट और डूब गए

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘ट्रुथ’ पर कहा, ‘मुझे अभी-अभी सूचित किया गया है कि हमने ईरान के 9 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है और डुबो दिया है, जिनमें से कुछ अपेक्षाकृत बड़े और महत्वपूर्ण थे।’ उन्होंने आगे कहा कि हम बाकी बचे हुए लोगों का भी पीछा कर रहे हैं । वे भी जल्द ही समुद्र की तलहटी में तैरते हुए नज़र आएंगे! एक अन्य हमले में, हमने उनके नौसेना मुख्यालय को लगभग पूरी तरह से नष्ट कर दिया है।

इज़रायल ने ऑपरेशन के लिए 100,000 और सैनिकों को बुलाया

सेना ने एक बयान में कहा, ‘आईडीएफ लगभग 100,000 आरक्षित सैनिकों को बुलाने की तैयारी कर रहा है और ‘रोरिंग लायन’ ऑपरेशन के तहत विभिन्न मोर्चों पर अपनी तत्परता का स्तर बढ़ा रहा है।


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