

उत्तराखंड सरकार ने गरीब कल्याण के लिए भारी भरकम रकम का प्रस्ताव किया है। गरीब कल्याण के लिए सबसे अधिक रकम अन्नपूर्ति योजना के लिए जारी की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अन्नपूर्ति योजना के लिए 1300 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
गरीब कल्याण की योजनाओं के लिए बजट
1- अन्नपूर्ति योजना- 1300 करोड़
2- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)- 298.35 करोड़
3- प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) 56.12 करोड़
4- ईडब्ल्यूएस आवास के लिए- 25.00 करोड़
6- निर्धन परिवार के लिए रसोई गैस पर अनुदान- 43.03 करोड़
7- दिव्यांग पेंशन, तीलू रौतेली पेंशन, बौना पेंशन, जन्म से 18 साल तक के दिव्यांग बच्चों के लिए- 167.05 करोड़
5- परिवहन निगम की बसों में निर्धारित श्रेणी के यात्रियों के लिए फ्री यात्रा- 42.00 करोड़
8- दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों का पुनवास- 25.00 करोड़
9- राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण- 1.00 करोड़
क्या बोले सीएम धामी?
गुरमीत सिंह, ऋतु खंडूड़ी भूषण और पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में उत्तराखंड विधानसभा परिसर में लोकसंस्कृति को समर्पित एक विशेष गैलरी का शुभारंभ किया गया। इस गैलरी में राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती 70 से अधिक पेंटिंग्स प्रदर्शित की गई हैं। इन चित्रों में रम्माण के पारंपरिक मुखौटे, नंदा राजजात यात्रा, छोलिया नृत्य, ऐपन कला, पारंपरिक आभूषण और लोक वाद्य यंत्रों को आकर्षक ढंग से चित्रित किया गया है।
इन कलाकृतियों को प्रदेश के कलाकार मुकुल बड़ूनी, ज्योति जोशी और मोहनलाल ने तैयार किया है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि किसी भी प्रदेश की पहचान उसकी संस्कृति से होती है, इसलिए उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय कलाकारों से उपहार बनवाने की पहल से न केवल संस्कृति का प्रचार हो रहा है, बल्कि कलाकारों को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बजट के मुख्य बिंदु समावेशी विकास, आत्मनिर्भरता, नई सोच, तीव्र विकास, उन्नत गांव, जन भागीदारी, आर्थिक शक्ति और न्यायपूर्ण व्यवस्था की सोच पर आधारित हैं। राज्य सरकार का संकल्प गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी सशक्तिकरण के मॉडल से राज्य का समग्र विकास करना है और ये इसके चार प्रमुख स्तंभ हैं।
राजकोषीय घाटा 12,579.70 करोड़
बजट में राजस्व खर्च का अनुमान 64,989.44 करोड़ रुपये और पूंजीगत खर्च 46,713.73 करोड़ रुपये रखा गया है। पूंजीगत प्राप्तियों से 42,617.35 करोड़ रुपये और राजस्व प्राप्तियों से 67,525.77 करोड़ रुपये आने का अनुमान है। राजकोषीय घाटा 12,579.70 करोड़ रुपये है। यह जीएसडीपी की 3 प्रतिशत की सीमा के भीतर है। इसी तरह राज्य पर कर्ज भी जीएसडीपी के 32.50 प्रतिशत की तय सीमा के अंदर है।
कांग्रेस सदस्यों की नारेबाजी
विपक्षी कांग्रेस के विधायकों ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के अभिभाषण के दौरान काफी हंगामा किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य अध्यक्ष के सामने आ गए और अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस के नेता करीब 15 मिनट तक नारे लगाते रहे और फिर सदन से बाहर चले गए। हालांकि मुख्यमंत्री के बजट भाषण के समय विपक्षी सदस्य सदन में मौजूद रहे। इससे पहले कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के मुख्य गेट पर धरना दिया और बेरोजगारी के साथ कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर प्रदर्शन किया।




