

रुद्रपुर ब्लाक ग्राम प्रधान अपडेट
1. जवाहर नगर ग्रामसभा-तारा पाण्डेय
2. शांतिपुरी नंबर 01-दीपा कांडपाल
3. शांतिपुरी नंबर 02- कविता तिवारी
4. शांतिपुरी नंबर 03- बचौली देवी बिष्ट
ने दर्ज की जीत
भीमताल की ग्राम पंचायत डहरा से मनोज चनौतिया, ग्राम पंचायत मलुवाताल से लक्ष्मण सिंह गंगोला, ग्राम पंचायत जंगलियागांव से राधा कुल्याल, ग्राम पंचायत पस्तोला से खष्टी राघव, ग्राम पंचायत पिनरों से लीला पलड़िया ने ग्राम प्रधान के पद पर जीत हासिल की। वहीं पिनरों क्षेत्र पंचायत से बीडीसी प्रत्याशी उमेश पलड़िया ने जीत हासिल की। जीत हासिल करने के बाद प्रत्याशियों ने ढोल नगाड़ों के साथ जश्न मनाना शुरू कर दिया है।

1- उर्गम -चंद्र मोहन पंवार
2 – देवग्राम – राधिका
3 – ल्यारीथेणा – विनोद सिंह
4- भर्की – चंद्रमोहन
5- भेंटा – दीपक (निर्विरोध)
6- द्विग तपोण – भरत सिह
7- कलगोठ – श्री सहदेव
8- डुमक – श्रीमती यमुना देवी
कीर्तिनगर ब्लॉक में पहले चक्र की मतगणना पूरी हो गई। ग्राम पंचायत नौर से किरण, ग्राम पंचायत गौशाली से बासुदेव भट्ट,धारी से सोहन प्रसाद, थपली चौराहा से नरेंद्र प्रसाद भट्ट, सिंदरी से जसीला देवी प्रधान विजय घोषित हुए।
बडकोट में एक ओर मतगणना स्थलों पर पंचायत प्रतिनिधियों के साथ समर्थक परिणाम को लेकर टकटकी लगाए हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ बाजारों में दुकानों पर फूल-मालाएं तैयार कर खूब बिक्री हो रही है।
कर्णप्रयाग से ओव्याग्वाड़ से पहला बूथ खुला। चंद्रा चौधरी प्रधान पद पर विजय रहे। वहीं दुवा से महावीर रावत प्रधान पर विजय रहे।
सीओ अमित सैनी ने कर्णप्रयाग विकासखण्ड में मतगणना स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं को जाना। उन्होने सभी पुलिसकर्मियों को चयनित स्थल पर ततपरता से ड्यूटी करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी लोगों को धारा 163 का पालन करने के निर्देश दिए।
चमोली जोशीमठ विकासखंड में प्रधान का पहला रुझान आया सामने। उर्गम क्षेत्र के भर्की गांव से चंद्र मोहन पंवार जीते।
चमोली में दशोली विकास खंड की मतगणना हो रही है। सबसे पहले निजमुला घाटी के सैंजी वार्ड से मतगणना शुरु हुई।
पंचायत चुनाव की मतगणना बृहस्पतिवार को सुबह 8 बजे से शुरु हो गई है। मतगणना के लिए नौ विकास खंडों में 83 टेबल लगाई गई हैं। जिसमें 93 मतगणना सुपरवाइजर और 372 मतगणना सहायक तैनात किए गए हैं। गैरसैंण में राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में मतगणना संपन्न हो रही है। ज्योतिर्मठ विकासखंड में मतगणना के लिए 8 टेबल लगाई गई हैं। जिसमें मतगणना सुपरवाइजर के रूप में नौ अधिकारी व मतगणना सहायक के रूप में 36 कर्मचारी तैनात रहेंगे।
भीमताल नैनीताल जिले में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हो गई है। सीडीओ अनामिका ने बताया कि जिले में आठ बजे से मतगणना शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य के पदों के लिए मतगणना शुरू की है। उन्होंने कहा कि मतगणना के लिए पर्याप्त मात्रा कर्मचारी लगाए गए हैं।
मतगणना शुरू हो गई है। मतपेटियों को टेबलों तक ले जाया जा रहा। 32,580 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आज होगा।
आयोग ने इस बार दो चरणों में मतदान कराया है। दोनों चरणों में कुल मिलाकर मतदान में ऊधमसिंह नगर जिला अव्वल रहा और अल्मोड़ा सबसे फिसड्डी रहा। 2019 के चुनाव में भी अल्मोड़ा में सबसे कम मतदान हुआ था। मैदानी जिलों में पर्वतीय के मुकाबले अधिक मतदान रिकॉर्ड किया गया। हरिद्वार को छोड़कर बाकी 12 जिलों में हुए चुनाव में महिलाओं ने मतदान में बाजी मारी।
प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दोनों चरणों में छह साल बाद फिर मतदान का आंकड़ा पहले जैसा ही रहा। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक इस बार 69.16 प्रतिशत मतदान हुआ है। इससे पहले 2019 के चुनाव में 69.59 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना को लेकर चमोली जिले के सभी नौ ब्लॉकों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आठ बजे से विकास खंड मुख्यालयों पर मतगणना कार्य प्रारम्भ कर दी जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि जिले में सभी नौ विकासखंड मुख्यालयों पर मतगणना के लिए कुल 83 टेबल लगाई गई हैं। जबकि मतगणना के कार्य को सुचारु और शांतिपूर्ण रुप से संपादित करने के लिए 93 मतगणना सुपरवाइजर और 372 मतगणना सहायकों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी मतगणना केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजयी जुलूस निकालने पर प्रतिबंध रहेगा। जिलों को भेजे लिखित निर्देश में उम्मीदवारों के समर्थन में निकलने वाले जुलूसों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए कहा गया है। मतगणना स्थल पर वरिष्ठ व अनुभवी अधिकारी को जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया जाएगा। मतगणना केंद्र पर एक पुलिस क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष की ड्यूटी अनिवार्य रूप से लगाई जाएगी। बिना पोलिंग एजेंट कार्ड किसी को मतगणना स्थल पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
पंचायत चुनाव के दोनों चरणों में हुआ था 69.16 प्रतिशत मतदान
मतगणना की निगरानी प्रेक्षकों एवं जोनल मजिस्ट्रेट के साथ ही पुलिस के अधिकारी करेंगे। सुरक्षा के दृष्टिगत सभी मतगणना केंद्रों पर आवश्यक बैरिकेडिंग लगा दी गई है। पंचायत चुनाव के दोनों चरणों में 69.16 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसमें 74.42 प्रतिशत महिला और 64.23 प्रतिशत पुरुष मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
उत्तराखंड के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दोनों चरणों में जोर-आजमाइश करने वाले 32,580 प्रत्याशियों की किस्मत का पिटारा आज खुलेगा। मतगणना शुरू हो गई है। 11,082 पदों के लिए चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।
पहले चरण के 17,829 और दूसरे चरण के 14,751 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। मतगणना कार्य में 15,024 कार्मिक शामिल होंगे। सुरक्षा व्यवस्था 8,926 जवानों के जिम्मे रहेगी।
89 विकासखंडों में मतगणना का कार्य होगा। सभी विकासखंडों पर कंप्यूटर, इंटरनेट, सीसीटीवी भी लगाए गए हैं। चुनाव नतीजा जारी होने के साथ ही पूरा परिणाम आयोग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें संबंधित पद पर होने वाले कुल मतदान के साथ ही प्रत्याशीवार मतों की जानकारी भी मिल सकेगी। सचिव गोयल ने कहा कि स्वतंत्र व निष्पक्ष मतदान की भांति मतगणना भी पूरी पारदर्शिता से कराई जाएगी।
रुद्रपुर के पंचायत चुनाव में पहला परिणाम आ गया है। शांतिपुरी के खमियां नंबर 2 से ग्राम प्रधान पद पर कविता तिवारी ने दीपा कोरंगा को 45 वोटों से हराया।
उत्तराखंड के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दोनों चरणों में जोर-आजमाइश करने वाले 32,580 प्रत्याशियों की किस्मत का पिटारा आज खुलेगा। मतगणना शुरू हो गई है। 11,082 पदों के लिए चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | संपादकीय विशेष रिपोर्ट,31 जुलाई 2025, रुद्रपुर (उधम सिंह नगर)उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025: लोकतंत्र की जड़ों को सींचता जनादेश, अब परिणामों की घड़ी
उत्तराखंड के 12 जिलों में संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के नतीजे आज घोषित किए जा रहे हैं। सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना की प्रक्रिया के तहत ग्रामीण लोकतंत्र की इस सबसे बड़ी परीक्षा के विजेता तय किए जा रहे हैं। यह चुनाव न केवल स्थानीय नेतृत्व के चयन का माध्यम रहा, बल्कि राज्य के राजनीतिक-सामाजिक परिदृश्य को दिशा देने वाला मील का पत्थर भी बन गया है।
हरिद्वार को छोड़कर शेष 12 जिलों में हुए चुनाव में कुल 32,580 प्रत्याशी मैदान में थे। पहले चरण में 24 जुलाई को 49 विकासखंडों में 68% और 28 जुलाई को 40 विकासखंडों में 70% मतदान दर्ज हुआ। कुल 47,77,072 मतदाताओं— जिनमें 24,65,702 पुरुष, 23,10,996 महिलाएं और 374 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल रहे — ने पूरे उत्साह के साथ मतदान कर ग्रामीण लोकतंत्र की ताकत को रेखांकित किया।
रंगों में बिखरे लोकतंत्र के फैसले
इस बार की मतगणना एक विशेष रंग-व्यवस्था के साथ हो रही है— ग्राम पंचायत सदस्य के लिए सफेद, ग्राम प्रधान के लिए हरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए नीला, और जिला पंचायत सदस्य के लिए गुलाबी मतपत्रों ने मतगणना में पारदर्शिता व त्वरित प्रक्रिया सुनिश्चित की है।
उधम सिंह नगर में भारी उत्साह और शांतिपूर्ण प्रक्रिया
उधम सिंह नगर जिले के सभी प्रमुख ब्लॉकों— रुद्रपुर, किच्छा, सितारगंज, खटीमा, लालपुर, शांतिपुरी और प्रतापपुर— में प्रशासन और निर्वाचन आयोग की सघन निगरानी में मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है। जिला प्रशासन, पुलिस बल और चुनाव कर्मियों की चौकसी से मतगणना केंद्रों पर व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त बनी हुई है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने स्पष्ट किया है कि सभी 89 ब्लॉकों में शांतिपूर्ण मतदान के बाद अब निष्पक्ष मतगणना पर पूरा जोर है। 95,909 अधिकारी और कर्मचारी मतगणना में जुटे हैं। मानसून की आशंका को देखते हुए सभी जिलों में आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं और 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कई सीटों पर रोचक मुकाबले, कई जगह निर्विरोध जीत
चुनाव प्रक्रिया में 1,607 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए, जिनमें 7 जिला पंचायत सदस्य, 240 क्षेत्र पंचायत सदस्य, और 1,360 ग्राम प्रधान शामिल हैं। हालांकि बाकी पदों पर मुकाबला बेहद रोचक बना हुआ है — कहीं सीधा आमने-सामने का संघर्ष, तो कहीं त्रिकोणीय और चतुष्कोणीय संघर्ष ने चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया।
शाम 2 बजे से आ सकते हैं निर्णायक परिणाम
मतगणना केंद्रों से संकेत मिल रहे हैं कि दोपहर 2 बजे के बाद से परिणामों की तस्वीर साफ होने लगेगी। जिला पंचायतों, ग्राम प्रधानों, बीडीसी मेंबरों के चयन से लेकर महिला व युवा प्रतिनिधित्व तक पर मीडिया की नजरें टिकी हैं। खासकर उधम सिंह नगर में कई हाई-प्रोफाइल सीटों पर राजनीतिक दलों के समर्थित प्रत्याशियों के बीच जोरदार टक्कर देखी जा रही है।
संपादकीय दृष्टिकोण: जनादेश का सम्मान लोकतंत्र की मजबूती
यह चुनाव अपने आप में एक संदेश लेकर आया है— ग्राम स्वराज की भावना को जीवंत रखने की दिशा में प्रदेशवासियों का अभूतपूर्व योगदान। मतदाता जागरूक हुए हैं, युवाओं और महिलाओं ने लोकतंत्र के इस पर्व में सक्रिय भागीदारी की है। इस बार का पंचायत चुनाव न केवल स्थानीय विकास के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव था, बल्कि यह भी देखने का अवसर था कि उत्तराखंड का ग्रामीण समाज जाति, पार्टी और पैसे के दवाब से ऊपर उठकर कितना आत्मनिर्भर लोकतंत्र की ओर बढ़ा है।
अब जब परिणाम आने को हैं, उम्मीद की जा सकती है कि चुने गए प्रतिनिधि न केवल स्थानीय विकास में योगदान देंगे, बल्कि भ्रष्टाचार से मुक्त, पारदर्शी और जवाबदेह पंचायत शासन की मिसाल भी पेश करेंगे।
– अवतार सिंह बिष्ट
संपादक, हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स (उत्तराखंड)
उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी




