

रुद्रपुर,उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। पहाड़ से लेकर तराई और मैदानी इलाकों तक ठंड एक बार फिर लौट आई है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि हुई, जिससे खेतों में पकने को तैयार गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। किसानों के अनुसार ओलावृष्टि से दाने बनने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।
मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार के लिए भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में वर्षा, आकाशीय बिजली और तेज अंधड़ को लेकर चेतावनी जारी की है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
कई जिलों में झमाझम बारिश
रविवार को सुबह से ही प्रदेश में धूप और बादलों की आंख-मिचौनी का दौर चलता रहा। दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने लगीं। शाम होते-होते देहरादून में तेज अंधड़ के साथ बारिश शुरू हो गई। मसूरी और आसपास की पहाड़ियों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई।
तराई और कुमाऊं क्षेत्र में भी मौसम ने करवट ली। रुद्रपुर, काशीपुर, बाजपुर, काठगोदाम और नैनीताल में तेज बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
पहाड़ों पर ताजा हिमपात
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में एक बार फिर बर्फबारी हुई है। हेमकुंड साहिब, औली और केदारनाथ की चोटियों पर ताजा हिमपात हुआ है। वहीं पिथौरागढ़ जिले में नंदा देवी, पंचाचूली, नंदाकोट, खलिया टाप और हरदेवल जैसी चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं, जिससे ठंड में फिर इजाफा हो गया है।
कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सी.एस. तोमर के अनुसार सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में खराब मौसम को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इन जिलों में हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत शामिल हैं। यहां गरज-चमक के साथ बारिश, ओलावृष्टि और करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में भी चेतावनी
इसके अलावा उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भी गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।
किसानों की बढ़ी चिंता
लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका है। कई क्षेत्रों में किसान मौसम साफ होने की उम्मीद में फसल कटाई की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अचानक बदले मौसम ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने और बिजली कड़कने के समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।
ठंड लौट आई
पहाड़ से मैदान तक मौसम के बदले मिजाज के कारण ठंड लौट आई और पारा भी लुढ़का है। हालांकि ओलावृष्टि से खेतों में पकने को तैयार गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। साथ ही दाने बनने की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।
- मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार को भी प्रदेश में वर्षा, आकाशीय बिजली चमकने और अंधड़ को लेकर चेतावनी जारी की है।

झमाझाम वर्षा हुई
रविवार को सुबह से ही धूप और बादलों की आंख-मिचौनी चलती रही। दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हवाएं चलने लगीं। शाम को दून में अंधड़ चला और बौछारें पड़ने लगीं। मसूरी से लेकर आसपास की पहाड़ियों पर भी झमाझम वर्षा हुई।
ओलावृष्टि भी हुई
इसके अलावा नैनीताल, काठगोदाम, बाजपुर, काशीपुर के साथ ही हरिद्वार के रोशनाबाद और भगवानपुर में भी झमाझम वर्षा रिकार्ड की गई। नैनीताल और बाजपुर क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई।

चोटियों पर हिमपात
हेमकुंड साहिब, औली, केदारनाथ आदि चोटियों पर हिमपात हुआ। पिथौरागढ़ जिले में नंदा देवी, पांचाचूली, राजरंभा, खलिया टाप, नंदाकोट और हरदेवल चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं।
अंधड़ को लेकर आरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर के अनुसार, सोमवार को हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत में बिजली चमकने, ओलावृष्टि और 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से अंधड़ चलने को लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
साथ ही उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।🌥 मौसम अपडेट




