

भारतीय परंपरा में किसी भी दिन की विशेषता केवल तारीख से नहीं, बल्कि अंक-शास्त्र और पंचांग के समन्वय से तय होती है। यहां देखें इस संयोग को क्यों खास माना जा रहा है और 1:11 का समय क्यों महत्वपूर्ण है।

नया साल केवल कैलेंडर बदलने का अवसर नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और आत्मशुद्धि का पावन क्षण है। यह समय हमें भीतर झांकने, अपने विचारों, कर्मों और संस्कारों को परखने की प्रेरणा देता है। आध्यात्मिक दृष्टि से नववर्ष का अर्थ है—अहंकार त्याग, करुणा का विस्तार और सत्य के मार्ग पर दृढ़ कदम। जब मन निर्मल होता है, तभी जीवन में शांति और संतुलन आता है। इस नववर्ष संकल्प लें कि हम न केवल अपने लिए, बल्कि समाज और प्रकृति के लिए भी कल्याणकारी बनें। आत्मा की जागृति ही सच्चा नववर्ष है।
✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड)
एक जनवरी 2026 को 1-1-1 का संयोग
एक जनवरी की तारीख पर 1-1-1 का संयोग है। एक तारीख, पहला महीना और साल 2026 का योग (2 + 0 + 2 + 6 = 10 → 1 + 0 = 1) भी एक अंक वाला है। कल की तारीख इस वजह से अंक 1 के अधिपति यानी सूर्य देव की विशेष कृपा वाली मानी जा रही है। अंक शास्त्र में कहा गया है कि जब किसी दिन सूर्य-अंक बार-बार प्रभाव में आए, तो वह दिन आत्मिक जागरण और संकल्प के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
एक जनवरी 2026 को 1:11 का समय है खास
एक जनवरी को तड़के 1:11 am का समय भी नंबर एक की इसी संयोग की कड़ी में जुड़ रहा है। ये वो समय होगा एक डेट और समय सभी नंबर एक से अलाइन होंगे। यह समय पूजा, मेनिफेस्टेशन, ध्यान, मंत्रोच्चारण आदि के लिए बेहद शुभ है। अगर 12 घंटे की घड़ी के अनुसार देखा जाए तो दोपहर को 1:11 बजे भी यही योग बनेगा।
एक जनवरी 2026 को गुरुवार से मेल का संयोग
ये भी देखने वाली बात है कि एक जनवरी को गुरुवार है जिसके स्वामी बृहस्पति हैं। यह योग धर्म और ज्ञान, विवेक और सद्बुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति आदि का प्रतिनिधित्व करते हैं। गुरु का दिन पौष मास और सूर्य-अंक के साथ मिलकर यह संकेत देता है कि यह समय जीवन की दिशा तय करने और सही मार्ग चुनने के लिए अनुकूल है।




