

रानी बैलिस्टिक मिसाइलों ने न केवल इजरायली शहरों बल्कि मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी दहला दिया है। इस बीच, एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान अब युद्ध को डिजिटल और आर्थिक मोर्चे पर ले जाते हुए गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के डेटा सेंटर्स को निशाना बना सकता है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
जेलेंस्की का दावा- रूस ईरान की मदद कर रहा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस अब ईरान की मदद करने लगा है। उनका कहना है कि रूस ईरान को ड्रोन से जुड़ी मदद दे रहा है।
जेलेंस्की ने यह भी कहा कि रूस आगे चलकर मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम में भी ईरान की मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो रूस ईरान में अपने सैनिक भी भेज सकता है।
जेलेंस्की ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे उत्तर कोरिया ने रूस की मदद के लिए करीब 10 हजार सैनिक भेजे थे, वैसे ही रूस भी ईरान की मदद के लिए सैनिक भेज सकता है।
इजराइली हमलों के बाद लेबनान में 7.8 लाख लोग बेघर
लेबनान में इजराइल के हमले शुरू होने के बाद से करीब 7.80 लाख लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। यह जानकारी लेबनान के सामाजिक मामलों के मंत्रालय ने दी है।
सरकार के मुताबिक इनमें से लगभग 1 लाख 20 हजार लोग सरकारी राहत शिविरों में रह रहे हैं। इसी बीच UN ने मंगलवार को सीमा के पास स्थित अल्मा अश-शाब शहर से अपने कर्मचारियों को हटा लिया।
यह शहर इजराइल बॉर्डर के पास है और यहां ज्यादातर ईसाई समुदाय के लोग रहते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली सेना की कई चेतावनियों के बावजूद यहां के कई लोग अपने घर छोड़ना नहीं चाहते थे।
ईरान की हिटलिस्ट में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया
ईरानी मीडिया के मुताबिक, तेहरान ने संभावित लक्ष्यों की एक सूची तैयार की है जिसमें अमेरिकी टेक कंपनियों के ऑफिस और डेटा सेंटर्स शामिल हैं। गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, IBM और ओरेकल जैसी कंपनियों के इजरायल, दुबई और अबू धाबी स्थित ठिकानों पर हमले का खतरा मंडरा रहा है। ईरान का मानना है कि ये कंपनियां युद्ध में तकनीक के जरिए उसके विरोधियों की मदद कर रही हैं। साथ ही, ईरान ने अमेरिका-इजरायल से जुड़े बैंकों पर भी जवाबी हमले की चेतावनी दी है और लोगों को बैंक परिसरों से 1 किलोमीटर दूर रहने को कहा है।




