

कनाडा भेजने के नाम पर 29.52 लाख की ठगी, कोर्ट के आदेश पर दंपत्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
रुद्रपुर। उच्च शिक्षा के लिए कनाडा भेजने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर पीड़ित की ओर से न्यायालय की शरण ली गई, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर आरोपी दंपत्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
दर्ज रिपोर्ट के अनुसार रणधीर सिंह पुत्र स्व. अग्रेज सिंह, निवासी ग्राम नेताजी नगर, दिनेशपुर ने आरोप लगाया है कि वह अपने भतीजे जसराज सिंह पुत्र बलदीप सिंह, निवासी उम्मीदपुर, पोस्ट करनपुर, रामनगर (नैनीताल) को उच्च शिक्षा के लिए कनाडा भेजना चाहता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात गुरबाज सिंह गिल पुत्र बलवीर सिंह और उसकी पत्नी मनदीप कौर निवासी बिलासपुर, रामपुर से हुई, जो स्वयं को स्टडी वीजा और वर्क वीजा पर विदेश भेजने का काम करने वाला बताते थे।
आरोप है कि 1 अप्रैल 2024 को गुरबाज सिंह गिल और मनदीप कौर रुद्रपुर के भूरारानी गनी गेट स्थित कार्यालय में पहुंचे और भतीजे को स्टडी वीजा पर कनाडा भेजने का भरोसा दिलाया। इसके एवज में लगभग 27 लाख रुपये खर्च आने की बात कही गई। उनके झांसे में आकर रणधीर सिंह ने 3 लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद 11 अप्रैल 2024 को 13,08,829 रुपये तथा 22 मई 2024 को 10,43,800 रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर किए गए।
आरोप के मुताबिक 10 जनवरी 2025 को 12 जनवरी 2025 की कनाडा जाने वाली कैथे पैसिफिक एयरलाइंस की टिकट करवाई गई। जैसे ही जसराज सिंह कनाडा इमीग्रेशन पर पहुंचा, वहां प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों को फर्जी बताया गया। इमीग्रेशन अधिकारियों ने जसराज सिंह पर 5 हजार डॉलर का जुर्माना लगाते हुए उसे तुरंत अगली फ्लाइट से भारत वापस भेज दिया।
बाद में पता चला कि आरोपियों द्वारा जसराज सिंह का वीजा और शिक्षा से संबंधित सभी दस्तावेज फर्जी बनाए गए थे। जब रणधीर सिंह ने आरोपियों से संपर्क किया तो उन्होंने गाली-गलौज करते हुए पैसे हड़प लेने की बात कही और जान से मारने की धमकी भी दी।
रणधीर सिंह का आरोप है कि आरोपियों ने कुल 29,52,629 रुपये छलपूर्वक गबन कर लिए। मामले की शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी दंपत्ति गुरबाज सिंह गिल और मनदीप कौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रुद्रपुर में सामने आया कनाडा भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि विदेश शिक्षा और वीज़ा कारोबार में फैले संगठित फर्जीवाड़े का गंभीर संकेत है। उच्च शिक्षा का सपना दिखाकर गुरबाज सिंह गिल और मनदीप कौर द्वारा लगभग 30 लाख रुपये हड़पने का आरोप न सिर्फ आर्थिक अपराध है, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ भी है।
पीड़ित रणधीर सिंह ने विश्वास के आधार पर अपने भतीजे को कनाडा भेजने के लिए रकम दी, लेकिन कथित एजेंटों ने फर्जी वीज़ा और शिक्षा संबंधी दस्तावेज थमा दिए। नतीजा यह हुआ कि कनाडा के इमीग्रेशन पर युवक को न केवल अपमान झेलना पड़ा, बल्कि 5 हजार डॉलर का जुर्माना भरकर तुरंत भारत लौटना पड़ा। यह घटना बताती है कि कैसे बिना लाइसेंस, बिना निगरानी के चल रहे एजेंट युवाओं को ठगी का शिकार बना रहे हैं।
इस मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि पीड़ित द्वारा शिकायत के बावजूद पुलिस ने प्रारंभ में कोई कार्रवाई नहीं की, और अंततः कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही मुकदमा दर्ज हुआ। यह स्थिति कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करती है।
आज जरूरत है कि विदेश भेजने वाले एजेंटों के लिए सख्त पंजीकरण व्यवस्था, नियमित ऑडिट और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र बनाया जाए। साथ ही अभिभावकों और छात्रों को भी चाहिए कि वे किसी भी एजेंट को पैसा देने से पहले उसकी वैधता, दस्तावेज और सरकारी पंजीकरण की पूरी जांच करें।
विदेश शिक्षा सपनों का सौदा नहीं, भविष्य का प्रश्न है। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई ही ठगी के इस नेटवर्क पर लगाम लगा सकती है।




