विधानसभा में पार्टियों की मौजूदा ताकत के आधार पर समाजवादी पार्टी बाकी दो सीटें जीत सकती है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
चुनाव आयोग ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की 12 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की है और अगर जरूरत हुई तो मतदान 16 अक्तूबर को होगा व नतीजे भी उसी दिन घोषित किए जाएंगे। भाजपा के पश्चिम बंगाल की एकमात्र सीट जीतने से उसकी राज्यसभा सीटों की संख्या में भी एक सीट का इजाफा होने की उम्मीद है। यह सीट अभिनेत्री रुक्मिणी मल्लिक (जिन्हें कोयल के नाम से भी जाना जाता है) के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने से पहले राज्यसभा भेजा था।
उत्तर प्रदेश की करें तो भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास लगभग 290 विधायक हैं, जबकि सपा-कांग्रेस गठबंधन के पास लगभग 103 विधायक हैं। राज्यसभा सीट जीतने के लिए एक उम्मीदवार को लगभग 37 वोटों की ज़रूरत होती है। भाजपा सात सीटें आसानी से जीत सकती है, जबकि सपा-कांग्रेस गठबंधन दो सीटें हासिल कर सकता है। हां, 10वीं सीट के लिए मुकाबला कड़ा हो सकता है, जिसमें भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास लगभग 31 वोट होंगे, जबकि सपा- कांग्रेस पक्ष के पास लगभग 29 वोट होंगे।
इस चुनाव के बाद संसद में बसपा का प्रतिनिधित्व भी शून्य हो सकता है। बसपा का लोकसभा में कोई सदस्य नहीं है और उत्तर प्रदेश में उनके एकमात्र विधायक उमा शंकर सिंह का अगस्त में निधन हो गया था। बसपा के एकमात्र राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम का कार्यकाल नवंबर में खत्म हो रहा है। गौतम उन नौ उत्तर प्रदेश सदस्यों में शामिल हैं जिनका कार्यकाल खत्म हो रहा है। अन्य सदस्यों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, भाजपा नेता अरुण सिंह, बृजलाल, बीएल वर्मा, गीता शाक्य, नीरज शेखर, सीमा द्विवेदी, और सपा नेता राम गोपाल यादव शामिल हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल में हरदीप पुरी का बने रहना इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या भाजपा उन्हें राज्यसभा के एक और कार्यकाल के लिए नामांकित करती है या नहीं।
उत्तर प्रदेश की 10वीं सीट पर पहले पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा थे। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उप-राज्यपाल नियुक्त होने के बाद शर्मा ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया, जिससे यह सीट इस महीने की शुरुआत में खाली हो गई। वर्ष 2020 में जब भाजपा ने 10 सीटों के लिए सिर्फ आठ उम्मीदवार उतारे, तो बीएसपी राज्यसभा में अपनी मौजूदगी बनाए रखने में कामयाब रही।
इस कदम से बीएसपी और एसपी, दोनों को एक-एक सदस्य निर्विरोध चुनने का मौका मिला। एसपी समर्थित एक निर्दलीय उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद गौतम निर्विरोध चुने गए। तब एसपी ने बीजेपी और बीएसपी के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया था।
उत्तराखंड में, बीजेपी के राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल खत्म हो रहा है। राज्य विधानसभा में मजबूत बहुमत वाली बीजेपी के इस सीट को अपने पास बनाए रखने की उम्मीद है। चुनाव का नोटिफिकेशन 29 सितम्बर को जारी किया जाएगा। उम्मीदवार 6 अक्तूबर तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं। ज़रूरत पडऩे पर 16 अक्तूूबर को वोटिंग और वोटों की गिनती होगी।
