च्यूरीगाड़ (नैनीताल), 6 जुलाई 2026। पूर्व दर्जा राज्यमंत्री एवं प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू के नेतृत्व में सोमवार को ग्राम पंचायत परिसर च्यूरीगाड़ में जूनियर हाई स्कूल च्यूरीगाड़ को बंद किए जाने के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने सरकार एवं शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विद्यालय को तत्काल पुनः संचालित करने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए हरीश पनेरू ने कहा कि वर्ष 1986 में स्थापित जूनियर हाई स्कूल च्यूरीगाड़ आज सरकार की अनदेखी के कारण बंद होने की कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में 19 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिन्हें अब तीन किलोमीटर दूर पुटगांव स्थित विद्यालय जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी का हवाला देकर विद्यालय
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
को बंद करना उचित नहीं है।
धरना स्थल से ही हरीश पनेरू ने जिलाधिकारी नैनीताल एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी से दूरभाष पर वार्ता कर विद्यालय को एक सप्ताह के भीतर पुनः संचालित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर विद्यालय नहीं खोला गया तो मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री का दायित्व है कि विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति कर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करें, न कि विद्यालयों को बंद कराएं। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के बजाय स्कूलों को बंद किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जनहित में इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाना आवश्यक है।
धरना-प्रदर्शन में टिकम सिंह, सरपंच गणेश सिंह बोरा, सरस्वती देवी, भानु देवी, खिम सिंह, मोहन चंद्र, जीवन सिंह, वीरेंद्र सिंह, रमेश रैकवाल तथा राजू सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।
यदि चाहें, मैं इसे �स्थानीय समाचार पत्र (अमर उजाला/दैनिक जागरण/हिन्दुस्तान) की शैली में और अधिक आकर्षक शीर्षक व उपशीर्षक के साथ भी तैयार कर सकता हूँ।
