कल 9 जून 2024 को रुद्रपुर पहुंच रही बाबा विश्वनाथ मां जगदीश शिला डोली यात्रा।  बाबा विश्वनाथ जगदीश शिला डोली यात्रा को लेकर रुद्रपुर में बैठक! Dinesh Chand Bhatt

कल 9 जून 2024 को रुद्रपुर पहुंच रही बाबा विश्वनाथ मां जगदीश शिला डोली यात्रा।  बाबा विश्वनाथ जगदीश शिला डोली यात्रा को लेकर रुद्रपुर में बैठक! Dinesh Chand Bhatt
कल 9 जून 2024 को रुद्रपुर पहुंच रही बाबा विश्वनाथ मां जगदीश शिला डोली यात्रा।  बाबा विश्वनाथ जगदीश शिला डोली यात्रा को लेकर रुद्रपुर में बैठक! Dinesh Chand Bhatt
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंटिंग मीडिया शैल ग्लोबल टाइम्स /संपादक अवतार सिंह बिष्ट , रूद्रपुर, उत्तराखंड

उल्लेखनीय है कि इस यात्रा का शुभारंभ 16 मई को ढूंग से हुआ था। जो उत्तराखंड के विभिन्न देवस्थलों से गुजरती हुई 9जून2024 को दिन रविवार सायं 5:00 बजे
” होटल कोरीयनथन “
तीन पानी रोड़
गणेश गार्डन
नजदीक जैसिज पब्लिक स्कूल
रुद्रपुर पहुंचेगी। रुद्रपुर में
यात्रा के स्वागत की भव्य तैयारियां की गई हैं।
  बाबा विश्वनाथ    जगदीशशिला डोली यात्रा के जिला उधम सिंह नगर संयोजक दिनेश भट्ट का कहना है कि बाबा विश्वनाथ जगदीश शिला डोली पूरे उत्तराखंड के भ्रमण पर निकली है. प्रतिवर्ष यह यात्रा चलती है. डोली का भ्रमण कार्यक्रम 16 जून तक है. इस दौरान डोली चारों धामों के साथ ही पूरे उत्तराखंड के विभिन्न देवालयों में साढ़े 10 हजार किलोमीटर की दूरी तय करेगी. बाबा विश्वनाथ जगदीशिला डोली विश्व की शांति की कामना के लिए और प्रदेश की प्रगति के लिए चलती है. 16 जून को यात्रा सम्पन्न होगी.
बाबा विश्वनाथ मां जगदीशीला यात्रा उत्तराखंड के विभिन्न देवस्थलों से गुजर रही है। पूर्व कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी इस यात्रा के मुख्य संयोजक हैं।
जिला संयोजक दिनेश चंद्र भट्ट ने सभी भक्तजनों को अवगत कराते हुए की
कल 9 जून 2024 को सायं 5:00 बजे रुद्रपुर पहुंच रही।  बाबा विश्वनाथ मां जगदीश शिला डोली यात्रा। होटल कोरीयनथन
तीन पानी रोड़
गणेश गार्डन
नजदीक (जैसिज पब्लिक स्कूल) मैं होगा 9 जून 2024 को रुद्रपुर में मां जगदीश सिला  डोली का आध्यात्मिक स्वागत, शाम 8:00 PM बजे से सजेगा आध्यात्मिक से ओतप्रोत बालाजी का दरबार।

आध्यात्मिक सारांश

  बाबा विश्वनाथ  मां जगदीश शिला डोली
के कई ऐसे चमत्कार हैं जिस पर लोग विश्वास नहीं कर सकते लेकिन मां ऐसे ऐसे चमत्कार करती हैं, जो कभी कोई सोच भी नहीं सकता. पुजारी का कहना है कि माता के चमत्कारों का बखान करना संभव नहीं है. मां अपनी डोली के छतर की नोक से दीवार पर लिखकर बताती हैं. हम जो भी काम करते हैं, माता के आदेशों के अनुसार ही करते हैं. जैसा मां कहती है वैसा ही करते हैं.।देवभूमि के नाम से विख्यात उत्तराखंड राज्य में एक से बढ़कर एक सिद्धपीठ हैं जहां भक्त शीश नवाते हैं. हजारों ऐसे देवस्थान हैं जो अपने चमत्कार के लिए जाने जाते हैं, जहां भक्त अपनी मनोकामना के लिए दूर-दूर से आते हैं. इन्हीं में से एक है मां जगदीश शिला डोली

(इस पोस्ट को निमंत्रण के रूप में स्वीकार करें,आप सपरिवार आमंत्रित है जिला संयोजक दिनेश चंद्र भट्ट।   बाबा विश्वनाथ मां जगदीश शिला डोली यात्रा )