प्रवर्तन निदेशालय ने वन विभाग से वनारोपण निधि प्रबंधन व योजना प्राधिकरण (कैंपा) से जुड़ी जानकारी मांगी है। इसमें कैंपा के पिछले सालों की खर्च समेत अन्य बिंदु शामिल हैं। इसके बाद से वन महकमे में अंदरखाने खलबली मची हुई है।

   अधिकारी जवाब तैयार करने में जुटे हैं।

प्रवर्तन निदेशालय ने वन विभाग से वनारोपण निधि प्रबंधन व योजना प्राधिकरण (कैंपा) से जुड़ी जानकारी मांगी है। इसमें कैंपा के पिछले सालों की खर्च समेत अन्य बिंदु शामिल हैं। इसके बाद से वन महकमे में अंदरखाने खलबली मची हुई है।
प्रवर्तन निदेशालय ने वन विभाग से वनारोपण निधि प्रबंधन व योजना प्राधिकरण (कैंपा) से जुड़ी जानकारी मांगी है। इसमें कैंपा के पिछले सालों की खर्च समेत अन्य बिंदु शामिल हैं। इसके बाद से वन महकमे में अंदरखाने खलबली मची हुई है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की पाखरो रेंज में गड़बड़ी का मामला सामने आया था, इसके बाद से केंद्रीय जांच एजेंसियां भी मामले की पड़ताल कर रही हैं। ईडी ने पाखरो मामले में वन विभाग के कई अधिकारियों के आवास पर छापा मारा था, कुछ के यहां नकदी और सोना मिला था। संबंधित प्रकरण की जांच जारी है।

सीबीआई भी मामले की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार अब ईडी ने कैंपा से जुड़ी जानकारी मांगी है। इस संबंध में एक पत्र वन विभाग के पास पहुंचा है। सूत्रों के अनुसार इसमें ईडी ने कैंपा के तहत बीते कई सालों के बजट की जानकारी मांगी है, यह बजट कहां-कहां पर खर्च हुआ, पूरा ब्योरा तलब किया है। इसके अलावा कैंपा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कौन-कौन रहे, किस-किस अवधि में रहे, इसकी भी डिटेल मांगी है। कैंपा के सीईओ व प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा ने ईडी का पत्र मिलने की पुष्टि की है।

प्रवर्तन निदेशालय ने वन विभाग से वनारोपण निधि प्रबंधन व योजना प्राधिकरण (कैंपा) से जुड़ी जानकारी मांगी है। इसमें कैंपा के पिछले सालों की खर्च समेत अन्य बिंदु शामिल हैं। इसके बाद से वन महकमे में अंदरखाने खलबली मची हुई है।
हिंदुस्तान Global Times/print media,शैल ग्लोबल टाइम्स,अवतार सिंह बिष्ट, रुद्रपुर 8393021000

नया मामला या पाखरो से जुड़े तार?
ईडी ने जो जानकारी मांगी है, उसका संबंध पाखरो से है या फिर कैंपा मद को लेकर कोई नई पड़ताल है, यह सवाल चौतरफा तैर रहा है। बताया जा रहा है कि ईडी का जो पत्र है, उसमें कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है।

क्या है कैंपा मद
वन भूमि हस्तांतरण के समय प्रयोक्ता विभाग वन भूमि की नेट प्रेजेंट वैल्यू की राशि जमा करता है। फिर यह राशि केंद्र से राज्य को कैंपा मद के माध्यम से मिलती है। इसका कार्य क्षतिपूरक वनीकरण के तहत कार्य करना होता है। इसके अलावा मृदा संरक्षण, जल संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के कार्य भी होते हैं। इसके लिए एक नियमावली बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार एक दौर में कैंपा से हुए आवंटन को लेकर मानकों का पालन नहीं किया गया है।