

06 अगस्त 2025 | समय: सुबह 8:30 बजे
स्थान: ऊधम सिंह नगर,ऊधम सिंह नगर जिले में पिछले 24 घंटों से हो रही मूसलधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। जिले के सभी आठ विकासखंडों में बारिश का प्रभाव देखा गया है, जिनमें सबसे अधिक वर्षा किच्छा (185 मिमी), काशीपुर (177 मिमी) और जसपुर (150 मिमी) में रिकॉर्ड की गई।

तापमान
- अधिकतम: 29°C
- न्यूनतम: 25°C
बिजली आपूर्ति ठप, बाकी सुविधाएं सामान्य?डीईओसी (DEOC) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, बिजली आपूर्ति भारी वर्षा के कारण बाधित हो गई है, जबकि सड़क, संचार और जल आपूर्ति प्रणाली सामान्य रूप से कार्य कर रही हैं।
नदी-नालों की स्थिति: फिलहाल सब सामान्य लेकिन सतर्कता आवश्यक?जिले की प्रमुख नदियाँ – सुखी/बेगुल, कैलाश, जगबूढ़ा, देवाहा, कमान, ढेला, गौला सहित सभी नदियों का जलस्तर सामान्य श्रेणी में है और किसी भी नदी ने अभी चेतावनी या खतरे के स्तर को नहीं छुआ है।✍️अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी
नोट करने योग्य नदी जलस्तर (Cusec में):
- कैलाश नदी: 19,980
- सुखी/बेगुल: 13,340
- गौला नदी: 12,409
मुख्य शारदा नहर:
- वर्तमान जल स्तर: 10,689
- खतरे का स्तर: 11,500
- स्थिति: सामान्य
जलाशयों की स्थिति (फीट में): सब नियंत्रण में?जिले के प्रमुख जलाशयों – नानकसागर, शारदा सागर, हरिपुरा, बौर, टुमरिया, धौरा – सभी का जलस्तर अभी खतरे से नीचे है। फिलहाल कोई डाउनपास डिस्चार्ज नहीं किया गया है। जलाशय जलस्तर (फीट) खतरे का स्तर (फीट) स्थिति नानकसागर 695.80 708.50 सामान्य शारदा सागर 606.60 625.00 सामान्य बौर 782.40 795.00 सामान्य हरिपुरा 783.50 795.00 सामान्य
मानसून का आना जीवन को संजीवनी देने जैसा होता है, परंतु जब बादल जमकर बरसते हैं, तो चुनौतियाँ भी आ खड़ी होती हैं। ऊधम सिंह नगर आज ऐसी ही स्थिति से गुजर रहा है। 6 अगस्त की सुबह बारिश की भारी मात्रा और बिजली गुल होने की खबरें आईं, पर एक उम्मीद की किरण यह है कि बाकी व्यवस्थाएं – सड़क, जल आपूर्ति और संचार – अब भी सुचारू हैं।
यह प्रशासन की तत्परता और आपदा प्रबंधन की सजगता का ही परिणाम है कि भारी बारिश के बावजूद अभी तक किसी भी नदी या जलाशय ने खतरे की सीमा पार नहीं की। किंतु किच्छा, काशीपुर, जसपुर, और सितारगंज जैसे क्षेत्रों में तेज बारिश के चलते जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिसे लेकर सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।
भारी वर्षा के मद्देनज़र जिलाधिकारी ने दिए अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश, आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर वर्चुअल बैठक
रुद्रपुर, लगातार हो रही भारी वर्षा और पर्वतीय क्षेत्रों में उत्पन्न आपदा की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने मंगलवार को जिले के सभी उप जिलाधिकारियों और नगर आयुक्तों के साथ वर्चुअल बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहते हुए क्षेत्रीय स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नदी-नालों के जलस्तर पर विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी प्रकार के अवरोध की स्थिति में उसे तत्काल हटाया जाए ताकि जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि उप जिलाधिकारी और नगर आयुक्त अपने आसपास के प्रशासनिक अधिकारियों से सतत संवाद बनाए रखें और वर्षा व आपदा संबंधी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान करें।
जिलाधिकारी भदौरिया ने सभी क्षेत्रों में युवा मंगल दलों, आपदा मित्रों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ ही जेसीबी मशीनों व अन्य आपदा बचाव उपकरणों को भी क्रियाशील रखने के आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी अधिकारी व कर्मचारी अपने मोबाइल फोन चालू रखें और अपने मुख्यालय में ही तैनात रहें, ताकि किसी भी समय आवश्यकतानुसार संपर्क किया जा सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, उप जिलाधिकारी गौरव पाण्डेय, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी समेत सभी उप जिलाधिकारी और नगर आयुक्त वर्चुअल माध्यम से सम्मिलित हुए।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि जिले की सभी प्रमुख नदियों में जलस्तर सामान्य है, परन्तु यदि बारिश इसी रफ्तार से जारी रही, तो खतरे की सीमाएं छूने में देर नहीं लगेगी। विशेषकर कैलाश नदी और गौला नदी, जिनका जलस्तर अन्य नदियों की तुलना में अधिक है।
पर सबसे बड़ी चिंता बिजली की आपूर्ति है। बिजली गुल होना सिर्फ अंधेरा नहीं लाता, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं, सिंचाई और सूचनाओं के प्रवाह पर भी सीधा असर डालता है। प्रशासन को चाहिए कि प्राथमिकता के आधार पर बिजली की आपूर्ति को जल्द बहाल करे।
एक सीख:प्रकृति की चेतावनियाँ हल्की फुहारों में छुपी रहती हैं। पर जो समाज मौसम की धड़कन को पढ़ ले, वही भविष्य की आपदा से बच पाता है।”
रिपोर्ट सौंपने वाला विभाग:
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष (DEOC), ऊधम सिंह नगर
तारीख: 06.08.2025
समय: प्रातः 8:30 बजे
ग्राम खमरिया के जयपाल के पुत्र यश की डूबने से मृत्यु हो गयी थी जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उनके आवास पर पहुंचकर परिजनों को शोक संवदेना व्यक्त कर सान्त्वना दी। उन्होने कहा कि सरकार व प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है, हर सम्भव सहायता दी जायेगी। उन्होने मौके पर ही खण्ड विकास अधिकारी को पीड़ित के घर की मरम्मत कराने व शौचालय बनवाने के निर्देश दिये साथ ही नया आवास प्रस्तावित करने के भी निर्देश दिये।




