दिल्ली के लाल किला के पास हुए धमाके ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। सरकार ने इसे आतंकी साजिश करार दिया है। इस धमाके को लेकर जांच एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है। आतंकी सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि देश के अलग-अलग शहरों में सीरियल ब्लास्ट करने की फिराक में थे।

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जांच में सामने आया है कि आठ आतंकवादियों ने चार बड़े शहरों को अपना टारगेट बनाया था। इनका प्लान था कि दो-दो के ग्रुप में चार शहरों में घुसकर आईईडी से तबाही मचाई जाए।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

पैसों को लेकर डॉक्टरों में झगड़ा

टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील, उमर और शाहीन ने मिलकर करीब 20 लाख रुपये कैश जुटाए, जो दिल्ली ब्लास्ट से पहले उमर को सौंप दिए गए। लेकिन यहीं से ट्विस्ट आया। उमर और डॉ. मुजम्मिल के बीच पैसे को लेकर झगड़ा हो गया। उमर ने सिग्नल ऐप पर 2-4 मेंबर्स का सीक्रेट ग्रुप बना लिया। इतना ही नहीं, इन आतंकियों ने गुरुग्राम, नूह और आसपास के इलाकों से 20 क्विंटल से ज्यादा एनपीके फर्टिलाइजर खरीदा जिसकी कीमत करीब 3 लाख रुपये थी।

गाड़ियों में छिपी तबाही की योजना

जांच में पता चला कि दिल्ली की i20 और इकोस्पोर्ट जैसी पुरानी गाड़ियों के बाद, ये आतंकी दो और ऐसी ही गाड़ियां तैयार कर रहे थे। ताकी इन गाड़ियों के अंदर विस्फोटक भरकर बड़ा ब्लास्ट कर सकें। एजेंसियां अब ये पता लगा रही हैं कि क्या अलग-अलग वाहन ब्लास्ट के लिए स्पेशल तौर पर बनाए जा रहे थे।

दिल्ली ब्लास्ट का कनेक्शन और एनआईए की टीम

ये सब कुछ दिल्ली के लाल किले में हुए धमाके के ठीक बाद सामने आया, जहां कम से कम 10 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। जांचकर्ताओं का मानना है कि ये जैश-ए-मोहम्मद के नए मॉड्यूल का काम था। अब एनआईए ने एसपी रैंक के सीनियर ऑफिसर्स की स्पेशल टीम गठित की है, जो पूरे मामले की गहराई से तहकीकात करेगी।


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