india-US emergency weapons deal: भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर की गई गोलाबारी की भरपाई और सशस्त्र बलों को तत्काल मजबूत करने के लिए अमेरिका से सटीक-निर्देशित गोला-बारूद और टैंक रोधी मिसाइलों की आपात खरीद को मंजूरी दे दी है।

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यह पाकिस्तान के लिए एक बहुत बड़ा झटका है, क्योंकि भारत के लिए अमेरिका से भर-भरकर बंकर फाड़ने वाले अत्याधुनिक एक्सकैलिबर राउंड गोले और जेवलिन एंटी-टैंक मिसाइलें आ रही हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने अमेरिकी संसद (कांग्रेस) को इस आगामी कॉन्ट्रैक्ट के बारे में जानकारी दे दी है, जिसके बाद आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह खरीद दर्शाती है कि भारत, भविष्य के किसी भी सैन्य टकराव के लिए अपनी मारक क्षमता को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहता।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

एक्सकैलिबर राउंड: 30 KM दूर बंकर तबाह करने वाला स्मार्ट गोला

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाने के बाद भारत को एक्सकैलिबर राउंड की तत्काल जरूरत महसूस हुई थी। द इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इनका इस्तेमाल नियंत्रण रेखा (LOC) के पार आतंकवादी ठिकानों और बंकरों पर सटीक हमला करने के लिए किया गया था।

सटीक मारक क्षमता: एक्सकैलिबर एक 155 मिमी का स्मार्ट तोप का गोला है, जिसे अमेरिकी कंपनी रेटियॉन (RTX) बनाती है। यह हथियार हर मौसम में सटीक हमला करने में सक्षम होता है।

लंबी रेंज: इसे M777 अल्ट्रालाइट हॉवित्जर या सामान्य तोपों जैसे K9 वज्र से दागा जाता है। यह जीपीएस और इनर्शियल गाइडेंस की मदद से 50 किलोमीटर दूर तक 10 मीटर से भी कम त्रुटि (CEP) के साथ लक्ष्य पर गिरता है।

बंकरों का विनाशक: इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बंकरों जैसे किलेबंद ठिकानों को सटीकता से भेद सकता है और दुश्मन के ठिकानों को पल भर में मिट्टी में मिला देता है।

$92 मिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के इस कॉन्ट्रैक्ट को लेकर अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (DSCA) ने कहा है कि यह प्रस्तावित बिक्री भारत की वर्तमान और भविष्य के खतरों से निपटने की क्षमता में सुधार करेगी, जिससे उसके ब्रिगेड में पहले हमले की सटीकता बढ़ेगी।

100 जेवलिन मिसाइलों की खरीद को भी मंजूरी

एक्सकैलिबर राउंड के साथ-साथ भारत शक्तिशाली जेवलिन एंटी-टैंक मिसाइलें भी खरीद रहा है, जो भारतीय सेना के लिए बेहद आवश्यक हैं।

विदेश विभाग ने कांग्रेस को सूचित किया है कि भारत $45.7 मिलियन में FGM 148 जेवलिन राउंड के 101 गोले, साथ ही 25 लॉन्च इकाइयां (LWCLU) खरीदेगा।

जेवलिन मिसाइल एक ‘फ्लाई-टू-बाय’ (fire-and-forget) मिसाइल है, जो टैंकों जैसे बख्तरबंद वाहनों को सटीक रूप से नष्ट कर सकती है।

डीएससीए ने कहा कि यह प्रस्तावित बिक्री भारत की वर्तमान और भविष्य के खतरों से निपटने की क्षमता में सुधार करेगी, अपनी मातृभूमि की रक्षा को मजबूत करेगी और क्षेत्रीय खतरों को रोकेगी (जो पाकिस्तान और चीन की ओर स्पष्ट संकेत है)।

आपातकालीन खरीद: तेज सप्लाई का मतलब

यह खरीद आम प्रक्रिया से अलग ‘आपातकालीन खरीद’ (Emergency Procurement) के तहत हो रही है। इस प्रक्रिया में, अनुबंध को मंजूरी मिलते ही कुछ हफ्तों के भीतर हस्ताक्षर किए जाते हैं और एक वर्ष के भीतर खरीदे जाने वाले हथियार या उपकरण भेज दिए जाते हैं। भारत को M982A1 एक्सकैलिबर सामरिक प्रोजेक्टाइल के 216 गोले मिलेंगे, जिसका मूल्य लगभग $47.1 मिलियन है। दोनों अनुबंध आरटीएक्स कॉर्प द्वारा पूरे किए जाएंगे। यह आपातकालीन सप्लाई बताती है कि भारत अपनी गोलाबारी की खर्च हुई क्षमता को जल्द से जल्द बहाल करना चाहता है, ताकि पाकिस्तान किसी भी दुस्साहस के बारे में न सोचे। यह डील भारत की रक्षा क्षमता को एक बड़ा रणनीतिक बढ़ावा देगी।


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