रुद्रपुर। एक प्रेस वार्ता में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता बलराज पासी ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन को लाल सलाम करते हुए कहा कि यह राज्य हजारों त्याग और संघर्षों की कीमत पर मिला है। उन्होंने याद दिलाया कि जब राजचंद्र के समय पहाड़ों से आवाज उठती थी – ‘दिल्ली दूर, चीन नज़दीक’ — तब यह संघर्ष केवल भौगोलिक नहीं बल्कि अस्तित्व और अस्मिता की लड़ाई था। पहाड़ों की वही पुकार आज भी विकास, रोजगार और न्याय की मांग में दिखाई देती है।
✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
पासी ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मुद्दों की कमी से जूझ रही कांग्रेस अब पहाड़ बनाम मैदान का कार्ड खेलकर लोगों को बांटने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि जब जनता बेरोज़गारी, पलायन, स्वास्थ्य, किसानों और युवाओं की बात कर रही है, तब कांग्रेस इन वास्तविक प्रश्नों से भागकर क्षेत्रीय भावनाओं को भड़काने की कोशिश में लगी है।
राहुल गांधी और उत्तराखंड कांग्रेस नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए पासी ने कहा कि “कांग्रेस आज मुद्दाविहीन, दिशा-विहीन और नेतृत्व-विहीन हो चुकी है। चुनावी जमीन खिसक रही है, इसलिए अब पहाड़–मैदान का भ्रम फैलाकर राजनीति बचाने की रणनीति अपनाई जा रही है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि जिन्होंने राज्य निर्माण में कोई भूमिका नहीं निभाई, वे आज आंदोलन की विरासत को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।
पासी ने चेतावनी देते हुए कहा कि उत्तराखंड की जनता बहुत समझदार है; उसे बांटने की कोशिश करने वाली राजनीति कभी सफल नहीं होगी। राज्य का भविष्य पहाड़–मैदान की खाई गहरी करने में नहीं, बल्कि दोनों के संयुक्त विकास में है। उन्होंने अपील की कि सभी राजनीतिक दल आंदोलनों के सम्मान और राज्य निर्माण की मूल भावना को समझें, क्योंकि उत्तराखंड संघर्ष से बना है और जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ यहां स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में राज्य मंत्री बलराज पासी पूर्व सांसद, राज्य मंत्री उत्तम दत्ता, जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी कमल जिंदल, जिला उपाध्यक्ष हिमांशु शुक्ला योगेश वर्मा, Bittu Chauhan, रोशन अरोड़ा ,विजय तोमर, अक्षय गहलोत, बिट्टू चौहान ,मोर सिंह यादव आदि लोग उपस्थितथे
