यह एक फॉर्मेट में किसी भी बल्लेबाज द्वारा जड़े गए सबसे ज्यादा शतक है। इससे पहले सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट में 51 शतक जड़े थे। विराट कोहली साउथ अफ्रीका के खिलाफ 120 गेंदों पर 11 चौकों और 7 छक्कों की मदद से 135 रनों की शानदार पारी खेली, जिसके दम पर टीम इंडिया 349 के स्कोर तक पहुंचने में कामयाब रही। इसके बाद कुलदीप यादव ने गेंदबाजी में अपना कहर बरपाया। साउथ अफ्रीका के तीन खतरनाक बल्लेबाज -मैथ्यू ब्रीट्जके, टोनी डी जोरजी, मार्को यान्सन- समेत उन्होंने 4 विकेट चटकाए और साउथ अफ्रीका को भारत 332 पर रोकने में कामयाब रहा। ऐसे में IND vs SA पहले वनडे में विराट कोहली और कुलदीप यादव प्लेयर ऑफ द मैच के दांवेदार बने।
विराट कोहली को उनके ऐतिहासिक शतक के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। यह इंटरनेशनल क्रिकेट में उनका 70वां प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड है। विराट कोहली वनडे में अभी तक 44, टी20 में 16 और टेस्ट में 10 बार यह अवॉर्ड जीत चुके हैं।
प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड लेने पहुंचे विराट कोहली ने कहा, ”इस तरह का मैच देखना शानदार रहा। पिच शुरुआती 20-25 ओवर तक ठीक-ठाक रही, फिर धीमी होने लगी। मेरा बस बॉल को हिट करने और क्रिकेट एंजॉय करने का इरादा था। जब आपको शुरुआत मिलती है तो आपको पता होता है कि क्या करना है। एक्सपीरियंस काम आता है। फिर आप सिचुएशन को समझते हैं और पारी आगे बढ़ाते हैं।”
जब कोहली से पूछा गया कि आपकी तैयारी कैसी थी तो उन्होंने कहा, ”मैं बहुत ज्यादा तैयारी करने पर यकीन नहीं करता। मेरा सारा क्रिकेट मानसिक स्थिति का रहा है। मैं शारीरिक रूप से कड़ी मेहनत करता हूं। जब तक मेरा फिजिकल लेवल अच्छा है और मेंटल शार्पनेस है, तब तक आप जानते हैं कि सब ठीक है।”
उन्होंने आगे कहा, ”मैं थोड़ा कंडीशन को समझना चाहता था। दिन की रोशनी में कुछ सेशन बैटिंग किए और फिर शाम को एक सेशन और मेरा प्रेप वर्क हो गया। मैंने मैच से पहले एक दिन की छुट्टी ली थी। मैं 37 साल का हूं, इसलिए मुझे रिकवरी का भी ध्यान रखना है। आप जानते हैं कि मैं अपने दिमाग में गेम की बहुत ज्यादा कल्पना करता हूं। जब मैं गेम के बारे में सोचता हूं तो मैं खुद को उतना ही इंटेंस, उतना ही शार्प महसूस करता हूं।”
