नगरासू गुरुद्वारा विवाद: निहंग सिखों का कब्जा बरकरार, एक सेवादार को छोड़ा;; इंटरनेट सेवा बंद, पुलिस और ITBP तैनात

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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग स्थित नगरासू गुरुद्वारे में निहंग सिखों का कब्जा 48 घंटे बाद भी जारी है। गुरुद्वारा कमेटी ने आरोप लगाया है कि उनके साथ बदसलूकी की गई है और कब्जा करने वाले निहंगों की पहचान तथा मूल स्थान के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक नए वीडियो में निहंगों द्वारा एक सेवादार को मुक्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। निहंग सिख यात्रियों की मांग है कि कर्णप्रयाग में हुई घटना के बाद गिरफ्तार किए गए निहंग सिखों को रिहा किया जाए। उनका कहना है कि मांग पूरी नहीं होने पर देशभर से बड़ी संख्या में निहंग सिख उत्तराखंड पहुंचेंगे। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिए जाने के बावजूद वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
इधर, नगरासू गुरुद्वारे पर कब्जे का मामला लगातार दूसरे दिन भी बना हुआ है। गुरुद्वारा संचालक बेहंत सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि एक 60 वर्षीय श्रद्धालु को भी बंधक बनाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुद्वारे में मौजूद लोग गाली-गलौज कर रहे हैं और मारपीट पर उतारू हैं।
स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस बल और ITBP की तैनाती की गई है, जबकि एहतियातन इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई

इसी मामले को लेकर पंजाब से सांसद सरबजीत सिंह खालसा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल उत्तराखंड पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने हरिद्वार के एसएसपी से मुलाकात कर वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की मांग की। सांसद ने कर्णप्रयाग मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि गिरफ्तार युवकों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी। उन्होंने यह भी कहा कि सिखों के लिए कृपाण रखना संवैधानिक अधिकार है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए।


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