मेडिकल कॉलेज में जयंती, मंच पर खनन की उपलब्धि: मुख्यमंत्री का विकास-भाषण”

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रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में पंडित राम सुमेर शुक्ला की 47वीं जयंती पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भाषण विकास के दावों और राजनीतिक उपलब्धियों का मिश्रण रहा। मुख्यमंत्री ने मंच से उत्तराखंड में खनन को अपनी सरकार की “सर्वोच्च उपलब्धि” बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में केंद्र सरकार से दो चरणों में 200 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली और लगभग 1000 करोड़ रुपये का खनन कार्य हुआ। इसे सरकार की बड़ी सफलता के रूप में प्रस्तुत किया गया।

हालांकि, खनन को विकास का पर्याय बताने पर कई सवाल भी खड़े होते हैं—क्या पर्यावरण, पहाड़ों की संवेदनशीलता और स्थानीय लोगों की पीड़ा भी इसी उपलब्धि सूची का हिस्सा हैं? मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संदर्भ में भी अपने विजन का उल्लेख किया और उत्तराखंड को वैश्विक नक्शे पर मजबूती से स्थापित करने का दावा किया।

पत्रकार वार्ता जवाबों से ज्यादा राजनीतिक संकेत साफ झलकते रहे। कुल मिलाकर, पंडित राम सुमेर शुक्ला की जयंती का मंच स्वास्थ्य शिक्षा और जनसेवा की चर्चा के बजाय विकास के शासकीय बहीखाते का लेखा-जोखा बनकर रह गया। कटाक्ष यह है कि चिकित्सा कॉलेज में इलाज की बात कम और खनन-उपलब्धियों की गूंज ज्यादा सुनाई दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रेस वार्ता में एक बार फिर अपनी सरकार की उपलब्धियों का बखान करते नजर आए। खनन से लेकर हवाई अड्डे और केंद्र से मिली प्रोत्साहन राशि तक हर योजना को उन्होंने विकास का मजबूत प्रमाण बताया। आंकड़ों की चमक के बीच सरकार की उपलब्धियां कागजों पर मजबूत जरूर दिखती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी कई सवाल खड़े करती है। बेरोजगारी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर जनता ठोस परिणाम चाहती है, केवल दावों की नहीं। सत्ता के मंच से जब हर बात उपलब्धि बन जाए, तब पत्रकारों का सवाल पूछना और जनता का जवाब तलाशना और भी जरूरी हो जाता है।


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