

रामनगर (उत्तराखंड)।रामनगर तहसील क्षेत्र के ग्राम पुछड़ी में आज प्रशासन ने वर्षों से चले आ रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। इस दौरान करीब 52 अवैध घरों को ध्वस्त किया गया, जिससे 90 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
लंबे समय से तैयार हो रहा था प्रशासन
प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार ग्राम पुछड़ी में सरकारी भूमि पर लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। कई बार नोटिस जारी किए गए, अंतिम चेतावनी भी दी गई, लेकिन तय समय-सीमा तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके बाद आज प्रशासन ने राजस्व टीम, नगर पालिका, पुलिस और पीएसी बल के साथ संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया।
सुबह से ही छावनी में तब्दील रहा इलाका
सुबह से ही गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। मौके पर एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस क्षेत्राधिकारी, कोतवाली प्रभारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र को बैरिकेडिंग कर सील किया गया और फिर बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया।
52 अवैध मकानों पर चला बुलडोजर
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार इस अभियान में करीब 52 अवैध मकानों, झोपड़ियों और अस्थायी निर्माणों को हटाया गया। इनमें से अधिकांश निर्माण सरकारी एवं वन भूमि पर किए गए थे। इस कार्रवाई से 90 से अधिक परिवार बेघर हो गए हैं, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं।
प्रभावित परिवारों में आक्रोश
अतिक्रमण हटाए जाने के बाद प्रभावित परिवारों में भारी आक्रोश देखने को मिला। कई लोगों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्हें पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था किए बिना बेदखल कर दिया गया। कुछ परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से यहीं निवास कर रहे थे और उनके पास बिजली-पानी के कनेक्शन भी थे, इसके बावजूद उन्हें अतिक्रमणकारी मानकर हटाया गया।
प्रशासन का पक्ष
प्रशासन का कहना है कि सभी अतिक्रमणकारियों को पूर्व में कई नोटिस दिए गए थे और वैकल्पिक व्यवस्था के लिए भी जानकारी दी गई थी। अधिकारियों के अनुसार यह भूमि सरकारी/वन विभाग की है और यहां अवैध कब्जों के कारण विकास कार्य बाधित हो रहे थे। इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत यह कार्रवाई की गई।
कानून-व्यवस्था बनी रही सामान्य
कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। हालांकि कुछ समय के लिए लोगों और प्रशासन के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी, लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते हालात नियंत्रण में रहे।
आगे भी चलेगा अभियान
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में रामनगर क्षेत्र के अन्य इलाकों में भी अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों ने साफ कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह कार्रवाई जहां एक ओर प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर पुनर्वास और मानवीय पहलुओं को लेकर भी कई सवाल खड़े कर रही है, जिन पर आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया तेज होने की संभावना है।




