

एक निहत्थे शख्स ने अपनी जान की परवाह किए बिना मौत की आंखों में आंखें डालीं और एक हथियारबंद आतंकी को धर दबोचा.अब इस शख्स को हीरो कहा जा रहा है. खुद प्रधानमंत्री ने इसे सलाम किया है. नेताओं से लेकर लोग तक सोशल मीडिया पर उसकी बहादुरी की तरीफ कर रहे हैं.

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
रायटर्स के मुताबिक, इस शख्स का नाम अहमद अल-अहमद है. 43 साल के अहमद दो बच्चों के पिता हैं और फलों की दुकान चलाते हैं. वहां मौजूद दूसरे आतंकवादी ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें दो गोलियां मार दीं. फिलहाल अहमद का अस्पताल में इलाज चल रहा है और राहत की बात यह है कि उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद है.
क्या था वीडियो में
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे रोंगटे खड़े कर देने वाले फुटेज में एक पार्किंग स्थल का दृश्य है. वीडियो में साफ दिखता है कि सफेद शर्ट पहने एक शख्स, राइफल ताने खड़े आतंकी (काले कपड़ों में) की ओर दौड़ता है. वह पीछे से चीते की फुर्ती से उस पर झपटता है और हाथापाई करते हुए अपने नंगे हाथों से आतंकी से राइफल छीन लेता है. वीरता की हद देखिए, बंदूक छीनते ही वह उसे वापस उसी आतंकी पर तान देता है.
जान बचाने के लिए खतरे की ओर दौड़
‘सच्चा ऑस्ट्रेलियाई हीरो’
इस अनजान शख्स की बहादुरी का वीडियो जंगल की आग की तरह फैल गया. हालांकि उसकी पहचान अभी तक उजागर नहीं हुई है, लेकिन दुनिया भर के लोग उसे ‘हीरो’ मान रहे हैं. लोगों का मानना है कि अगर उसने उस वक्त हिम्मत नहीं दिखाई होती, तो मृतकों की संख्या और भी ज्यादा हो सकती थी. X पर एक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ऑस्ट्रेलियाई हीरो ने हमलावर से संघर्ष किया और उसे निहत्था कर दिया. कुछ लोग बहादुर होते हैं और फिर कुछ लोग… यह जो भी है, अद्भुत है. एक अन्य यूजर ने लिखा, इस ऑस्ट्रेलियाई व्यक्ति ने बोंडी बीच पर आतंकवादियों में से एक से बंदूक छीनकर अनगिनत जानें बचाईं. हीरो.
नेताओं ने किया सलाम
न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अब तक का सबसे अविश्वसनीय दृश्य था जो मैंने देखा है. मिन्स ने कहा, एक आदमी का उस बंदूकधारी के पास जाना जिसने समुदाय पर गोलियां चलाई थीं, और उसे अकेले ही निहत्था करना, अनगिनत अन्य लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालना… वह आदमी एक सच्चा हीरो है, और मुझे कोई संदेह नहीं है कि आज रात कई लोग उसकी बहादुरी के कारण जीवित हैं. ऑस्ट्रेलिया के प्रधान मंत्री एंथनी अल्बनीस ने भी उन ऑस्ट्रेलियाई लोगों के कार्यों की प्रशंसा की जो दूसरों की मदद करने के लिए खतरे की ओर दौड़े. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ये ऑस्ट्रेलियाई नायक हैं और उनकी बहादुरी ने जान बचाई है.




