यूपी  की नाबालिग छात्रा को बहलाकर उत्तराखंड ले जाकर दुष्कर्म करने वाले दोषी उदय जाट को बरेली के विशेष जज पाक्सो एक्ट प्रथम हेमेंद्र कुमार सिंह की विशेष कोर्ट ने बीस साल की सजा सुनाई है।

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उस पर 35 हजार का जुर्माना भी डाला है, जिसकी 90 फीसदी राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने उप्र सरकार को पीड़िता को अतिरिक्त क्षतिपूर्ति के बतौर 50 हजार की राशि देने का भी आदेश दिया है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

विशेष लोक अभियोजक सरनाम सिंह ने बताया कि थाना प्रेमनगर में पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कर बताया थाकि उनकी आठवीं में पढ़ने वाली बेटी को 10 नवंबर 2021 को इज्जतनगर के रोडनंबर 8 निवासी उदय जाट बहलाकर ले गया। एक माह बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। 30 दिसंबर 2021 को पुलिस ने रोडवेज बस अड्डे से उसके कब्जे से पीड़िता को बरामद किया था।

बरेली की पॉक्सो अदालत ने 2022 के इस केस में सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। बताया गया कि एक नाबालिग लड़की के अपहरण और बलात्कार के मामले में 25 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। 13 वर्षीय लड़की को उसके पड़ोसी ने उसके घर से अगवा किया था और एक महीने तक बंधक बनाकर रखा और बार-बार उसके साथ बलात्कार किया। अभियोजन पक्ष ने बुधवार को बताया कि महीनों बाद पता चला कि वह 23 सप्ताह की गर्भवती थी और बाद में उसने मृत शिशु को जन्म दिया।

फैसला सुनाते हुए विशेष पॉक्सो अदालत के न्यायाधीश देवाशीष पांडे ने कहा कि इस व्यक्ति ने पूरी तरह से होश में रहते हुए और पूरी समझ होने के बावजूद एक निर्दोष बच्ची के खिलाफ जघन्य और पापपूर्ण कृत्य किया। ऐसी दरिंदगी के लिए किसी भी तरह की नरमी की गुंजाइश नहीं है। वह कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा का हकदार है। इस गंभीर यौन हमले ने पीड़िता को स्थायी शारीरिक और मानसिक आघात पहुंचाया है।


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