

पहले 14 साल की बेटी के साथ परिवार के सामने ही रेप किया. चिल्लाने पर पिता को बेरहमी से पीटा. इसके बाद किशोरी की मां के साथ भी दरिंदगी की गई. इस दौरान सैकड़ों बार डायल 100 पर कॉल किया गया पर कोई मदद नहीं पहुंची. मां-बेटी के साथ गैंगरेप के बाअद आरोपी लूटपाट कर फरार हो गए. वारदात के 9 साल बाद इस मामले में कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है. सोमवार को सजा का ऐलान करेगा.

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
बता दें कि इस जघन्य वारदात में सीबीआई की तरफ से छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई थी. सुनवाई की दौरान एक आरोपी की बीमारी से जेल में ही मौत हो गई थी, जबकि दो आरोपियों को नोएडा और हरियाणा पुलिस ने अलग-अलग एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. इस मामले में सीबीआई की तरफ से कुल 6 आरोपियों- जुबैर, सलीम, साजिद, धर्मवीर, नरेश और सुनील के खिलाफ चार्जशीट दाखिल गई थी. करीब चार साल पहले सलीम की जेल में ही मौत हो गई थी. अब कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है.
क्या था पूरा मामला
सीबीआई के अधिवक्ता अमित चौधरी ने बताया कि 28जुलाई की रात गाजियाबाद निवासी एक परिवारके 6 सदस्य शाहजहांपुर से तेरहवीं के कार्यकर्म में शामिल होकर लौट रहे थे. देहात कोतवाली क्षेत्र में दोस्तपुर फ्लाईओवर के निकट नेशनल हाईवे-91 पर बदमाशों ने लोहे की रॉड फेंककर कार को रुकवाया. इसके बाद आरोपियों ने किशोरी, उसके पिता, मां, ताई, ताऊ व तहेरे भाई को बंधक बनाया. आरोपी सभी को रोड के दूसरी तरफ खेत में ले गए. पहले उन्होंने सभी पुरुषों के हाथ पैर बांध दिए. इसके बाद 14 वर्षीय किशोरी व पत्नी के साथ आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी वहां से लूटपाट कर भाग निकले थे. पीड़ित पिता का आरोप है कि वारदात के बाद कई बार डायल 100 पर फोन कर मदद मांगी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा.
हाईकोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंपी
वारदात के बाद स्थानीय पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई. जिसके बाद एसएसपी समेत 17 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी की गई. इस मामले में बुलंदशहर पुलिस ने आनन-फानन में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो बाद में निर्दोष पाए गए. इसके बाद हाईकोर्ट ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी. सीबीआई जांच में यह बात निकलकर सामने आई कि पूरी वारदात को बावरिया गिरोह के सदस्यों ने अंजाम दिया था. इसके बाद सीबीआई की तरफ से जुबैर, सलीम और साजिद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई.
हरियाणा से पकड़े गए तीन और आरोपी
इस घटना के कुछ महीनों बाद हरियाणा पुलिस ने एक गिरोह को पकड़ा. जांच में पता चला कि इस गिरोह के सदस्य धर्मवीर, नरेश और सुनील बुलंदशहर गैंगरेप कांड में शामिल थे. इसके बाद आरोपियों की परेड पीड़िता से करवाई गई, जिसमें उसने तीनों को पहचान लिया. इसके बाद सीबीआई ने इन तीनों के खिलाफ भी चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल कर दिया. कोर्ट ने इन तीनों के खिलाफ 27 जुलाई 2018 को चार्ज फ्रेम कर दिया था.
वीडियो ठीक से बनाना
सभी आरोपियों को कोर्ट ने आईपीसी की धारा 394, 395, 397, 376D, 120B तथा पोक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में दोषी ठहराया है. सोमवार को कोर्ट सजा का ऐलान करेगी. दोषी करार होने के बाद जब पुलिस कस्टडी में आरोपियों को कोर्ट से बाहर ले जाया जा रहा था, तो एक आरोपी जुबेर ने मुस्कुराते हुए मीडिया कर्मियों से कहा, “ठीक से वीडियो बनाना और फेमस कर दो.” उसकी यह बेशर्मी कैमरे में कैद हो गई, जिससे कोई पछतावा न दिखने की बात सामने आई. अन्य दोषी भी बिना किसी अफसोस के नजर आए.
9 साल बाद न्याय
इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था. यह मामला मीडिया में लगातार सुर्ख़ियों में रहा. जिसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर केस सीबीआई को सौंपा गया था. लंबी जांच और ट्रायल के बाद आखिरकार पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है. सजा के ऐलान का सभी को इंतजार है, जहां कड़ी से कड़ी सजा की मांग उठ रही है.




