वार्षिकी : राज्य में सालभर में 26 लाेगाें का रिश्वत लेते रंगे हाथ दबाेचा, इनसे 5.94 लाख रुपये बरामद

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20 मामलों में आय से अधिक संपत्ति की जांच शासन को भेजी गई।सतर्कता अधिष्ठान उत्तराखंड ने वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत महत्वपूर्ण कार्रवाई की।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड)

वर्षभर में 21 ट्रैप मामलों में 26 अधिकारियाें और कर्मचारियाें काे रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। इनमें 6 राजपत्रित और 20 अराजपत्रित हैं। इस दाैरान इनके पास से लगभग पांच लाख 94 हजार एक सौ रुपये की राशि बरामद की गई।

निदेशक सतर्कता डॉ. वी मुरुगेसन ने बुधवार को सतर्कता अधिष्ठान मुख्यालय पर एक पत्रकार वार्ता के दाैरान उक्त जानकारी दी। उन्हाेंने 2025 की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टोल फ्री नंबर 1064 पर प्राप्त शिकायतों में त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 प्रकरणों में 17 और अभियुक्त पकड़े गए। सफल कार्यवाही के लिए निदेशक ने टीमों को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की। कुल मिलाकर 28 प्रकरणों का निस्तारण हुआ और 20 मामलों में आय से अधिक संपत्ति की जांच शासन को भेजी गई। भविष्य में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, प्रशिक्षण कार्यक्रम और जनजागरूकता अभियान चलाकर भ्रष्टाचार रोकने की योजना है। शिकायतकर्ताओं को ट्रैप की धनराशि लौटाने के उद्देश्य से शासन स्तर पर रिवाल्विंग फंड की स्थापना की गई है। पन्द्रह शिकायतकर्ताओं को ट्रैप से संबंधित कुल कुल 2 लाख 47 हजार 500 रुपये की धनराशि वापस किए जा चुके हैं।

उन्हाेंने बताया कि सतर्कता अधिष्ठान ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 20 प्रकरणों में अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की गई। इनमें आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामलों में खुली जांच और अभियोग पंजीकरण के लिए शासन को आख्या प्रेषित की गई। विगत वर्ष सतर्कता अधिष्ठान की सफल पैरवी के परिणामस्वरूप भ्रष्टाचार के छह मामलों में से तीन मामलों में अभियुक्तों को सजा दिलाई गई।

सतर्कता अधिष्ठान में स्थापित टोल फ्री नंबर 1064 एवं वेबसाइट के माध्यम से वर्ष 2025 में कुल 2209 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 470 शिकायतें विजिलेंस एंगल की और 1739 शिकायतें नॉन-विजिलेंस एंगल की पाई गईं। विजिलेंस एंगल की शिकायतों में 14 मामलों में ट्रैप की कार्रवाई की गई,जबकि दो मामलों में खुली जांच के लिए शासन को प्रेषित किया गया। वहीं 83 प्रकरणों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया।

सतर्कता अधिष्ठान द्वारा आगामी अवधि के लिए कई महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इनमें एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण,केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर कर्मचारियों का प्रशिक्षण और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों,सरकारी,अर्द्धसरकारी कार्यालयों में गोष्ठियों का आयोजन किया गया।

इसके साथ ही पर्वतीय जनपदों के नागरिकों से अपील की गई है कि वे भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें 24×7 संचालित हेल्पलाइन नंबर 9456592300 पर दर्ज कराएं।


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