

देहरादून। बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अंकिता के माता-पिता से हुई भेंट के दौरान उन्होंने मामले की जांच CBI से कराए जाने की मांग रखी थी, जिसका सम्मान करते हुए सरकार ने इस प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्णय लिया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मातृशक्ति की सुरक्षा और सम्मान के लिए वह सदैव प्रतिबद्ध रही है। देवभूमि उत्तराखंड में कानून का राज है और यहां किसी भी दोषी को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के माध्यम से पीड़िता को न्याय दिलाया जाएगा और दोषियों को कठोरतम सजा सुनिश्चित की जाएगी।
राज्य सरकार के इस निर्णय को अंकिता के परिजनों और आमजन में न्याय की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा





