

सरकार ने माना है कि प्रदर्शन लगातार जारी हैं, लेकिन इसके साथ ही सख्त कार्रवाई भी तेज कर दी गई है. इंटरनेट बंद है, संचार सेवाएं ठप हैं और ईरान लगभग पूरी तरह दुनिया से कटा हुआ है. देश के अस्पताल लाशों से पटे हुए हैं. मस्जिदों पर भी हमले हुए हैं. शनिवार को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्ला अली खामेनेई ने पहली बार खुलकर इन प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ उपद्रवी देश में इमारतें गिरा रहे हैं ताकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश किया जा सके. खामेनेई ने अमेरिका पर सीधा हमला करते हुए कहा कि अमेरिका पहले भी लैटिन अमेरिका वेनेजुएला को घेर चुका है और वहां कार्रवाई की गई थी. उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस पर कोई शर्म नहीं है और उसने खुले तौर पर कहा कि यह सब तेल के लिए किया गया.

ईरान में कितनी मस्जिदें जलाई गईं
TASS न्यूज एजेंसी के मुताबिक तेहरान के मेयर अलीरेजा
प्रदर्शन में शामिल होने पर मिलेगी मौत की सजा?
इन विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत 29 दिसंबर 2025 को हुई थी, जब तेहरान के बाजारों में व्यापारियों ने ईरानी रियाल की कीमत गिरने के खिलाफ दुकानें बंद कर प्रदर्शन शुरू किया. अगले दिन विश्वविद्यालयों के छात्र भी सड़कों पर उतर आए. 2 जनवरी को पश्चिमी इलाम प्रांत में हथियारबंद नकाबपोश लोगों के दिखने की खबरें आईं. इसके बाद पश्चिमी प्रांतों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें और तेज हो गईं.
इस बीच ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी कि प्रदर्शन में शामिल किसी भी व्यक्ति को ईश्वर का दुश्मन माना जाएगा. ईरानी कानून के तहत यह आरोप मौत की सजा तक ले जा सकता है. कानून में ऐसे लोगों के लिए फांसी, हाथ पैर काटने या देश के भीतर आजीवन निर्वासन जैसी सजा का प्रावधान है.

ईरान में प्रदर्शन.
सरकार ने संकेत दिए हैं कि कार्रवाई और कड़ी हो सकती है. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने हिंसा के लिए आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया है और सत्ता व्यवस्था की रक्षा की बात कही है. ट्रंप की ओर से अमेरिका के हस्तक्षेप की चेतावनी के बाद देशभर में हिंसा की नई घटनाएं सामने आई हैं, हालांकि इंटरनेट बंद होने से हालात की पूरी तस्वीर साफ नहीं हो पा रही है.
गोलियों से मारे गए लोग
सरकारी मीडिया के मुताबिक तेहरान के पास करज शहर में एक सरकारी इमारत जला दी गई. शिराज, कुम और हमेदान में मारे गए सुरक्षाकर्मियों के अंतिम संस्कार की तस्वीरें भी दिखाई गईं. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तेहरान की सड़कों पर रात के वक्त आग और भारी भीड़ नजर आई. लोग तानाशाह और खामेनेई के खिलाफ नारे लगाते सुने गए. मानवाधिकार संगठन के अनुसार अब तक कम से कम 50 प्रदर्शनकारी और 15 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं, जबकि करीब 2300 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं शनिवार को आई रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 200 से ज्यादा प्रदर्शनकारी मारे गए हैं. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने तेहरान में भारी भीड़ और बर्बर हिंसा का दावा किया है. एक महिला ने अस्पताल में शवों के ढेर देखने की बात कही. डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने बताया कि गोलियां ऊपर से चलाई गईं और घायल लोग बिना इलाज के दम तोड़ते रहे.
पूर्व शाह के बेटे ने लोगों से विद्रोह की अपील की
ईरान के पूर्व शाह के बेटे रजा पहलवी ने देशभर में बड़े विद्रोह की अपील की है. उन्होंने लोगों से शहरों के केंद्रों पर कब्जा करने, अहम आर्थिक क्षेत्रों में हड़ताल करने और सड़कों पर डटे रहने को कहा है. उन्होंने ट्रंप से भी हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि ईरानी जनता गोलियों और संचार बंदी का सामना कर रही है.




