

सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और वैश्विक संकेतों के चलते चांदी में एक दिन में करीब 5.10% की तेजी दर्ज की गई.

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
MCX पर चांदी 5% से ज्यादा उछलकर ₹405,003 प्रति किलो के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. यानी आज चांदी करीब 19,637 रुपये महंगी हो गई. यह तेजी ऐसे समय आई है, जब दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव गहराता जा रहा है और निवेशक सोने के सस्ते विकल्प के तौर पर चांदी की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं.
इंटरनेशनल लेवल पर भी टूटा रिकॉर्ड
वैश्विक बाजारों में भी चांदी की चमक बरकरार रही. स्पॉट सिल्वर 10.59% की तेजी के साथ 117.4 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि कारोबार के दौरान यह 119.34 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर को भी छू गई. साल 2026 में अब तक चांदी करीब 60% से ज्यादा मजबूत हो चुकी है. इसकी बड़ी वजह मजबूत निवेश मांग, सप्लाई की कमी और मोमेंटम के दम पर हो रही खरीदारी मानी जा रही है.
सोने ने भी पकड़ी रफ्तार
चांदी के अलावा सोना भी आज तमतमाता नजर आया. MCX पर आज सोना 5.82 फीसदी उछलकर पहली बार 175,578 रुपये प्रति 10 ग्राम पर जा पहुंचा. यानी एक ही झटके में गुरुवार को सोना करीब 9,663 रुपये महंगा हो गया. इंटरनेशनल लेवल पर भी गोल्ड में तेजी का रुख रहा. ये 9.73 फीसदी की बढ़त के साथ 5,528 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया.
रिटेल में भी कीमतों ने लगाई छलांग
बुलियन वेबसाइट के मुताबिक 29 जनवरी को सोना 11640 रुपये महंगा होकर 178,850 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. जबकि चांदी की कीमतों ने 16310 रुपये की जबरदस्त छलांग लगाई, जिससे ये उछलकर 403,950 रुपये प्रति किलो पर जा पहुंची.
जबरदस्त तेजी की वजह
इस तेजी के पीछे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय कारण हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम पर दोबारा बातचीत के लिए चेतावनी दी है और संकेत दिया है कि इनकार की स्थिति में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई पहले से कहीं ज्यादा कड़ी हो सकती है. इसी बीच मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां बढ़ने की खबरों ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है.
US Federal Reserve ने बुधवार को ब्याज दरों को स्थिर रखा, जो बाजार के अनुमान के मुताबिक रहा. फेड चेयरमैन जेरोम पावेल ने कहा कि दिसंबर में महंगाई अब भी केंद्रीय बैंक के 2% लक्ष्य से ऊपर रहने की संभावना है. इसके साथ ही डॉलर में नरमी ने भी कीमती धातुओं को सपोर्ट दिया. विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव, महंगाई की चिंता और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक चांदी और सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में मजबूती देखने को मिल सकती है.




