

ज्योतिषों की मानें तो इन दिनों बीजेपी की कुंडली पर ग्रह-नक्षत्र कुछ खास मेहरबान नहीं हैं। राहु पूरे जोर से प्रकोप दिखा रहा है, केतु ऊँचे आसन पर बैठकर मौन साधे हुए है और शनि ठंड की तरह नेताओं की गर्दन अकड़ाए खड़ा है। ऐसे में ज्योतिषाचार्यों की सलाह है—तुरंत हवन कराइए, नहीं तो राजनीतिक जुकाम और बढ़ सकता है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
संयोग देखिए कि हाल ही में मिले ₹90,000 के यात्रा भत्ते को भी ग्रह-दोष से जोड़ दिया गया है। ज्योतिष कहते हैं, “इस राशि में राहु का वास है, इसे धार्मिक कार्यों में खर्च किया जाए, तभी सत्ता की ठंड उतर पाएगी।” यानी यात्रा भत्ता अब दौरे के लिए नहीं, देव-दर्शन और हवन-सामग्री के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।
सत्ता की गर्मी और मौसम की ठंड ने मिलकर घमंड को ऐसा जमा दिया है कि नेता न जनता की सुन पा रहे हैं, न कुंडली की। सवाल बस इतना है—हवन से ग्रह शांत होंगे या पहले घमंड की बर्फ पिघलेगी? जनता तो फिलहाल तमाशा देख रही है, चाय की चुस्कियों के साथ। ☕




