

रुद्रपुर, 26 फरवरी। भारतीय इतिहास में 26 फरवरी 1948 का दिन स्वर्णाक्षरों में अंकित है। इसी दिन भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर ने संविधान सभा के समक्ष भारतीय संविधान का प्रारूप प्रस्तुत किया था। इस ऐतिहासिक अवसर की स्मृति में बुधवार को रुद्रपुर स्थित अंबेडकर पार्क, रुद्रपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री एडवोकेट प्रमोद मित्तल एवं ब्लॉक प्रमुख पति (कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि) इंजीनियर जितेंद्र गौतम ने अपने सहयोगियों के साथ बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। उपस्थित जनसमूह ने संविधान निर्माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर नगर की स्वच्छता व्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान देने वाले नगर निगम रुद्रपुर के पर्यावरण पर्यवेक्षक श्री करम सिंह दानू सहित पर्यावरण मित्र श्री राजेश कुमार, श्री सुनील, श्री राजू, श्री मुकेश एवं श्री मनोज को माला पहनाकर और मिष्ठान खिलाकर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने कहा कि समाज की स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखने में इन कर्मयोगियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, और उनका सम्मान करना वास्तव में बाबा साहब के ‘समानता और गरिमा’ के सिद्धांत को व्यवहार में उतारना है।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से देश को सामाजिक न्याय, समान अवसर और मौलिक अधिकारों की मजबूत नींव प्रदान की। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और दूरदृष्टि का प्रतीक है। आज आवश्यकता है कि हम संविधान की मूल भावना—समानता, बंधुत्व और न्याय—को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखें, बल्कि अपने व्यवहार और सामाजिक आचरण में भी उतारें।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा जिला मंत्री एडवोकेट प्रमोद मित्तल, कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि इंजीनियर जितेंद्र गौतम, शिव छाबड़ा, अधिवक्ता एसोसिएशन उपाध्यक्ष सरदार गुरदीप सिंह, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष प्रवीण तोमर, विकास डागर, रवि अग्रवाल, कुशल अग्रवाल, जितेंद्र साहनी, उमेंद्र पांडे, संजय गुप्ता, नितिन अग्रवाल, प्रमोद यादव, अशोक नेगी, अंकित शर्मा, सुनील पचौरी, ललित गोयल, अजय गोयल सहित अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा स्वच्छ, समतामूलक और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण का संकल्प लेकर किया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आत्मा है, और इसे सशक्त बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।




