

इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल कैट्ज ने ईरानी हमलों में मारे गए छह अमेरिकी सैनिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि इजरायल क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
कैट्ज ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इजरायल के प्रति मजबूत समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ईरान के खिलाफ सहयोग क्षेत्रीय और वैश्विक इतिहास को बदल रहा है।
ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी
इस बीच ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजरायल इस्लामिक गणराज्य की सत्ता को गिराने की कोशिश करते हैं तो वह इजरायल के डिमोना परमाणु केंद्र को निशाना बना सकता है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कार्प्स ने दावा किया है कि उसने आपरेशन ट्रू प्रामिस-4 के तहत मिसाइल और ड्रोन से एक और हमला शुरू किया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई इजरायल और अमेरिका की उकसावे वाली कार्रवाई के जवाब में की जा रही है।
हर हमले को नहीं रोक सकता अमेरिका: हेगसेथ
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने स्वीकार किया है कि ईरान की ओर से किए जाने वाले हर मिसाइल या ड्रोन हमले को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है, हालांकि अमेरिका क्षेत्र में वायु रक्षा को मजबूत कर रहा है।
हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना और उसके सहयोगियों की सुरक्षा के लिए हर संभव रक्षा व्यवस्था की गई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम हर हमले को रोक सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी और रक्षा क्षमता बढ़ा दी है और जरूरत पड़ने पर संघर्ष को लंबे समय तक जारी रखने के लिए पर्याप्त हथियार और संसाधन मौजूद हैं। इस बीच अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स आफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने भी माना कि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिक अब भी खतरे में हैं और स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है।




