महिला सशक्तिकरण के संकल्प के साथ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मान समारोह, डीएम ने दिलाई बाल विवाह उन्मूलन की शपथ

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रुद्रपुर, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में डॉ. एपीजे सभागार में महिला सशक्तिकरण विषय पर जनपद स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)


कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कार्यक्रम अधिकारी मुकुल चौधरी द्वारा जिलाधिकारी का पौधा भेंट कर स्वागत करने के साथ किया गया। इसके पश्चात सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने उपस्थित सभी महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और सामाजिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए देश और समाज के विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाओं को अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसे प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प, उत्साह और परिश्रम के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं में समर्पण, धैर्य और नेतृत्व क्षमता स्वाभाविक रूप से होती है, जिसके कारण वे परिवार और कार्यक्षेत्र दोनों में अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं।
उन्होंने जेंडर न्यूट्रैलिटी पर जोर देते हुए कहा कि समाज में महिला और पुरुष दोनों को समान अवसर मिलना आवश्यक है। तभी एक संतुलित और विकसित समाज का निर्माण संभव हो सकता है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाएं परिवार की धुरी होती हैं और घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्हें अपने स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास पर भी ध्यान देना चाहिए। किसी भी राष्ट्र का समग्र विकास तभी संभव है जब महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ें।
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, आशा कार्यकर्त्रियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और विभिन्न विभागों में कार्यरत महिला कर्मियों ने अपने अनुभव साझा किए। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आभार भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह उन्मूलन की शपथ दिलाते हुए कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है, जो बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास में बाधा उत्पन्न करती है। उन्होंने सभी से बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने और समाज को इस कुरीति से मुक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, जिला पंचायत राज अधिकारी विद्या सिंह सोमनाल, एसीएमओ डॉ. हरेंद्र मिश्रा, खंड विकास अधिकारी आतीया परवेज़, अधिशासी अभियंता जल निगम सुनील जोशी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान तरुण शर्मा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नंदिनी तोमर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, आशा कार्यकर्त्रियां, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।


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