

हल्द्वानी। जिला पंचायत से जुड़े गैंगमेटों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को डीएम कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल को ज्ञापन सौंपकर नियमित रोजगार और न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे पिछले 25 से 30 वर्षों से जिला पंचायत के अंतर्गत गैंग में कार्य कर रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से उन्हें पूरे वर्ष रोजगार नहीं मिल पा रहा है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
उन्होंने बताया कि पहले उन्हें साल भर अलग-अलग कार्यों में लगाया जाता था, जिससे उनकी आजीविका चलती थी, लेकिन अब स्थिति यह है कि उन्हें केवल तीन माह के लिए, वह भी बरसात के दौरान ही काम दिया जाता है।
गैंगमेटों का आरोप है कि रोजगार के अवसर कम कर दिए जाने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि परिवार के भरण-पोषण के लिए स्थायी और नियमित रोजगार बेहद आवश्यक है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में उन्हें पर्याप्त काम नहीं मिल रहा।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी बताया कि कई बार उन्हें चुनाव ड्यूटी और अन्य सरकारी कार्यों में लगाया गया, लेकिन इसके बदले उन्हें मात्र 350 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया गया, जो कि प्रदेश में निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से भी कम है। उन्होंने इसे श्रमिकों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि सरकार को श्रम कानूनों के अनुसार भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए।
गैंगमेटों ने प्रशासन को याद दिलाया कि 28 जनवरी 2026 को आयोजित जिला पंचायत की बैठक में जिला पंचायत सदस्य संजय बोरा ने भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसके बावजूद अभी तक इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे श्रमिकों में रोष बढ़ता जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूर्व की व्यवस्था को बहाल करते हुए गैंगमेटों को पूरे वर्ष नियमित रूप से कार्य दिया जाए तथा न्यूनतम मजदूरी के अनुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में गैंगमेट मौजूद रहे और उन्होंने प्रशासन से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की।




