Israel Iran War Nuclear Attack Fears WHO Warning: यूएस-इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध को 20 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं हुआ है. वक्त बीतने के साथ-साथ हमलों की गंभीरता भी बढ़ती जा रही है.

Spread the love

यूएस-इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान भी अपनी घातक मिसाइलों से इजरायल को दहला रहा है. जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्टों का कहना है कि अगर इजरायल का नुकसान इसी तरह बढ़ता रहा तो उसका सब्र छलक सकता है. ऐसे में ईरान पर परमाणु बम दागकर जंग को एक झटके में खत्म करने का फैसला भी ले सकता है.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

परमाणु खतरे से डरे हैं WHO के अधिकारी!

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अधिकारी भी इस आशंका से डरे हुए हैं. उनका कहना है कि वे इस युद्ध की सबसे खराब स्थिति होगी और वे इस परमाणु खतरे की तैयारी कर रहे हैं. WHO के पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्रीय निदेशक हनन बल्खी ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘इस जंग में सबसे खराब स्थिति एक परमाणु घटना होगी. यही बात हमें सबसे ज्यादा चिंता में डाल रही है. हम इससे निपटने की चाहे, जितनी भी तैयारी कर लें, लेकिन इससे होने वाले नुकसान को नहीं रोका जा सकेगा. अगर क्षेत्र या वैश्विक स्तर पर यह घटना घटती है, तो इसके परिणाम दशकों तक रहेंगे.’

उन्होंने ईरान के एकमात्र परिचालित परमाणु ऊर्जा संयंत्र बूशहर पर हमला होने पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसके बारे में ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी संगठन IAEA को बताया है. ईरान का कहना है कि मंगलवार शाम को उसके परमाणु ऊर्जा संयंत्र बूशहर पर कोई प्रक्षेपास्त्र गिरा, लेकिन इससे प्लांट को कोई क्षति नहीं पहुंची और कर्मचारियों को चोटें भी नहीं आई.

टूट सकता है इजरायल के सब्र का बांध

बल्खी ने इस घटना पर कहा कि बूशहर प्लांट पर हमले से फिलहाल क्षेत्र में रेडियोएक्टिव प्रदूषण के कोई संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन इस घटना से लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ीं गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. उन्होंने चेरनोबिल (1986) और हिरोशिमा-नागासाकी (1945) में हुई परमाणु दुर्घटनाओं का हवाला दिया, जहां चेरनोबिल से शुरुआती महीनों में 30 लोगों की जान गई थी. वहीं, हिरोशिमा-नागासाकी में करीब एक से ढाई लाख तक लोग मारे गए थे.

‘ट्रंप अपनी विजय घोषित कर खत्म कर दें युद्ध’

हनन बल्खी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल के दिनों में डोनाल्ड ट्रंप के AI सलाहकार डेविड सैक्स भी ऐसी ही चेतावनी दे चुके हैं. डेविड सैक्स का कहना है कि युद्ध में नुकसान बढ़ता देख इजरायल परमाणु हथियार के इस्तेमाल पर विचार कर सकता है. ऐसा करने से यह युद्ध और भयावह हो जाएगा, जिसमें लाखों लोग मारे जाएंगे. उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सलाह दी कि वे इस युद्ध में अपनी विजय घोषित कर युद्ध समाप्त करने का एलान कर दें.

उधर, युद्ध को लेकर ट्रंप का रुख कुछ और ही है. उनका कहना है कि अगर उन्होंने ओबामा प्रशासन की ओर से ईरान के साथ किया गया समझौता खत्म नहीं किया होता तो 4 साल पहले ही दुनिया में परमाणु युद्ध हो चुका होता है. ट्रंप ने कहा, ‘हमने ईरान की परमाणु साइटों पर बमबारी करके उन्हें तबाह कर दिया. अगर हम ऐसा नहीं करते तो वह अब तक परमाणु बम बना चुका होता है और फिर दुनिया परमाणु नरसंहार देख रही होती.’

उन्होंने यूएस के नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के निदेशक जो केंट के इस्तीफे को अच्छी बात बताया कहा, क्योंकि केंट ईरान को खतरा नहीं मानते थे.

क्या ईरान वाकई परमाणु बम बना रहा है?

खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, यूएस-इजरायल की ओर से पिछले साल जून में किए गए हमलों के बाद से ईरान फिर से परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में जुटा है. वह अपने यूरेनियम भंडार को 60 प्रतिशत तक एनरिच कर चुका है. जैसे ही वह इस क्षमता को 90 प्रतिशत तक पहुंचा देगा, वह परमाणु बम बनाने के काबिल हो जाएगा. ईरान के शासकों ने पहले ही एलान किया हुआ है कि पहला परमाणु बम बनते ही वे उसे इजरायल पर दाग देंगे. इस खतरे को कम करने के लिए यूएस-इजरायल उसके परमाणु ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, जिससे उसकी हथियार बनाने की क्षमता में कमी तो आई है, लेकिन खतरा अभी भी बरकरार है.


Spread the love