उत्तराखंड प्रदेश सरकार ने शहीदों की स्मृति को सहेजने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए विभिन्न जनपदों में शहीद द्वार और स्मारकों के निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

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इसके लिए बजट भी जारी किया है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने गुरुवार को कैंप कार्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर बजट जारी होने की सूचना देते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री ने सैनिक विश्राम गृहों के जीर्णोद्धार और शहीद द्वारों के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा। मंत्री जोशी ने स्पष्ट किया कि शहीद द्वारों और स्मारकों के निर्माण में अत्याधुनिक डिजाइन, स्थानीय स्थापत्य कला और भारतीय सैन्य परंपराओं का समन्वय किया जाएगा। उन्होंने समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

इस अवसर पर मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए कहा कि यह पहल राज्य सरकार की सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ये स्मारक न केवल श्रद्धांजलि के केंद्र होंगे, बल्कि आने वाली पीढिय़ों को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा भी देंगे।

इन शहीद द्वारों का होगा निर्माण
अल्मोड़ा में नायक गौरी दत्त जोशी, चंपावत में कैप्टन उमेद सिंह महरा (अशोक चक्र), चमोली में राइफलमैन मोहन सिंह व गनर केसर सिंह, पिथौरागढ़ में सिपाही शिवलाल वर्मा और पौड़ी गढ़वाल में राइफलमैन हरी सिंह (शौर्य चक्र) के नाम पर शहीद द्वारों का निर्माण किया जाएगा।


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