

टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड।राज्य में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के पूर्व अध्यक्ष राकेश राणा ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए इस कदम को “सिर्फ राजनीतिक हित साधने का प्रयास” बताया है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
राकेश राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने साढ़े चार वर्षों तक अधूरे मंत्रिमंडल के साथ काम किया और अब जब 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, तब अचानक मंत्रिमंडल का विस्तार करना सरकार की घबराहट को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय राज्य के विकास के लिए नहीं, बल्कि चुनावी समीकरण साधने के लिए लिया गया है।
राणा ने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल में शामिल कई नेता पहले कांग्रेस से जुड़े रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को अपने ही कार्यकर्ताओं पर भरोसा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से पार्टी के कई वरिष्ठ विधायक और कार्यकर्ता मंत्रिमंडल में स्थान की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया, जिससे संगठन के भीतर असंतोष बढ़ सकता है।
प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए राणा ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में राज्य में बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक समस्याएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि युवा रोजगार के लिए भटक रहा है, महिलाएं आर्थिक दबाव झेल रही हैं और बुजुर्ग अपनी पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
राणा ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि आम जनता को बार-बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है—चाहे वह नोटबंदी का समय रहा हो या कोरोना काल, लोगों को लगातार परेशानियों से गुजरना पड़ा है।
अंत में उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि साढ़े चार वर्षों में जो विकास कार्य पूरे नहीं हो पाए, क्या वे अब चुनाव से पहले के कुछ महीनों में पूरे हो सकेंगे?




